Bareilly News : होनहार वीर की गर्दन पर चला तलवार से तेज मांझा, नसें-उंगली कटीं
स्कूटी से स्टेडियम जाते वक्त गले में फंसा चाइनीज मांझा
पीलीभीत-बरेली के प्रभावशाली राजनैतिक घराने से जुड़े छात्र के साथ हादसे से मचा हड़कंप, मंत्री ताऊ तुरंत पहुंचे अस्पताल
बरेली, अमृत विचार। गन्ना राज्यमंत्री एवं पीलीभीत शहर विधायक संजय सिंह गंगवार के पुत्र और ललौरीखेड़ा ब्लाक प्रमुख अजय गंगवार के स्टूडेंट बेटे आदित्यवीर चाइनीज मांझे की चपेट में आकर बड़ी अनहोनी का शिकार होते-होते बचे। श्यामगंज पुल पर लटका मांझा स्कूटी सवार आदित्य के शरीर में ऐसा उलझा कि तलवार की तरह गले की नस और उंगली काट दी। सड़क से अस्पताल तक खून ही खून नजर आया। साथ मौजूद दोस्त ने तुरंत उनको अस्पताल न पहुंचाया होता तो जिंदगी खतरे में पड़ जाती। डॉक्टर्स का कहना है कि आदित्य खतरे से बाहर हैं, लेकिन सही होने में कई दिन लगेंगे।
खतरनाक हादसे का शिकार होकर अस्पताल पहुंचे आदित्य वीर गंगवार दो बहनों से छोटे हैं और जीआरएम स्कूल में क्लास 9 के छात्र हैं। पिता अजय गंगवार ललौरीखेड़ा ब्लाक प्रमुख हैं, जबकि मां सीमा गंगवार रेलवे में डिवीजनल कॉमर्शियल इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। ताऊ संजय सिंह गंगवार राज्य सरकार में गन्ना राज्यमंत्री हैं। आदित्य की नानी ऊषा गंगवार बरेली की जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं, जबकि मामा पिंटू गंगवार नवाबगंज के ब्लॉक प्रमुख रहे हैं। होनहार आदित्य के घायल होने का पता होते ही मां-बाप, ताऊ मामा तुरंत अस्पताल पहुंच गए। बताया गया है कि ब्लॉक प्रमुख अजय गंगवार परिवार के साथ प्रेमनगर क्षेत्र की शिवकुंज कालोनी के निवासी हैं। हालांकि, मकान का पुनर्निमाण जारी होने की वजह से फैमिली अभी टीबरी नाथ कालोनी में निवास कर रही है। बेटे आदित्य आदित्य रोज सुबह में स्टेडियम जाते थे। सोमवार को भी आदित्य अपने दोस्त के साथ स्टेडयिम गए थे। वहां से निकलकर किसी काम से रामपुर गार्डन की ओर जा रहे थे मगर रास्ते में ही पुल पर हादसे का शिकार हो गए। चाइनीजा मांझे की चपेट में आकर उनकी गर्दन कट गई। हाथ से बचने का प्रयास किया तो एक अंगुली भी कट गई है। स्कूटी अनियंत्रित हो गई और वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। गर्दन में गहरा घाव और बहुत ज्यादा खून बहता देख दोस्त तुरंत उनको विकास के भवन के सामने निजी अस्पताल लेकर दौड़ा।
चिकित्सकों की टीम ने फौरन इलाज शुरू कर खून बहना रोका। आदित्य की हालत देख पूरे परिवार के होश उड़ गए। मां-बाप बहुत परेशान नजर आए। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कौशल कुमार ने पत्रकारों को बताया कि आदित्य की सर्जरी लंबी चली। उनके गर्दन में काफी गहरा घाव हो चुका था। काफी रक्तश्राव हो चुका था। ऊपर का होंठ दाहिना गाल और बाएं हाथ की छोटी अंगुली भी कटकर लटक गई थी। गर्दन में मांझा इतना गहरा घुसा की नसें कट गई थी। काफी गंभीर जख्म थे। जब अस्पताल लाया गया तो वह खून से तर थे। तुरंत ओटी में ले जाकर सर्जरी शुरू की गई, जो 3:30 घंटे तक चली। अब उनकी उनकी हालत खतरे से बाहर है। सही होने में कई हफ्ते लग सकते हैं।
हादसे नाराज मंत्री बोले, चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध तो बिक कैसे रहा
हादसे की जानकारी होते ही पीलीभीत से बरेली के अस्पताल पहुंचे संजय गंगवार ने भतीजे की हालत देखकर चिंता जाहिर की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सवाल परिवार का नहीं है। भतीजे आदित्य की तरह ऐसा हादसा किसी के साथ भी हो सकता था। बरेली के अफसरों से इस सम्बंध में गंभीरता से कदम उठाने को कहा है। जब सरकार ने चाइनीज मांझे की खरीद-फरोख्त पर राज्य में पूरी तरह से रोक लगा रखी है तो फिर इसका इस्तेमाल हो कैसे रहा है? चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कड़े कार्रवाई होती नजर आनी चाहिए। सर्किट हाउस पहुंचे मंत्री संजय गंगवार ने डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्या को चाइनीज मांझे की बिक्री सख्ती से रोकने और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। ब्रज क्षेत्र भाजपा अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य भी इस दौरान साथ मौजूद रहे।
बरेली में विस्फोट से गई थी तीन की जान
किला क्षेत्र के बाकरगंज मोहल्ले में 7 फरवरी 2025 को मांझा बनाने की फैक्टरी में धमाका होने से मालिक और दो कारीगरों के चीथड़े उड़ गए थे। जिससे तीनों की मौत हो गई थी। धमाका पतंगबाजी के लिए मजबूत मांझा बनाने के लिए गंधक-पोटाश, कांच और लोहे के बुरादे का मिश्रण तैयार करने के दौरान हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने मांझा बनाने के काम पर रोक लगा दी थी। पुलिस ने उस दौरान अभियान चलाकर 20 दिन में करीब 8 मुकदमे दर्ज करके सैकड़ों कुंटल मांझा बरामद किया था।
प्रदेश में सिपाही सहित कई की हो चुकी मौत
प्रतिबंध के बाद भी बिक रहे चाइनीज मांझे की वजह से प्रदेश में अक्सर ही हादसे की खबरें सुनने को मिलती रही हैं। कई लोग इसके चक्कर में मौत के मुंह में भी समा चुके हैं। 6 फरवरी 2026 को लखनऊ के हैदरगंज पुल के पास मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोएब की मांझे की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसके अलावा जनवरी 2025 में शाहजहांपुर में रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात सिपाही शाहरुख हसन (अमरोहा के निवासी) की बाइक पर ड्यूटी जाते समय चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण दर्दनाक मौत हो गई थी। यह हादसा अजीजगंज क्षेत्र में गर्रा पुल के निकट हुआ था। मेरठ में कोचिंग जाते समय स्कूटी सवार 11वीं के छात्र श्रेष्ठ चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे और लंबे इलाज के बाद सही हुआ था।
हादसा बेहद गंभीर है। प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा बाजार में कैसे पहुंच रहा है, इसकी जांच कराई जाएगी। पुलिस पहले भी अवैध मांझा बिक्री करने वालों पर कार्रवाई कर चुकी है। विशेष अभियान चलाकर इसकी बिक्री और खरीद-फरोख्त करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -अनुराग आर्य, एसएसपी।
