अयोध्य राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण : CM योगी को SIT ने सौंपी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट, FIR की तैयारी

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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अयोध्या। राम मंदिर के दानपात्रों से चोरी गए चढ़ावे की रकम के मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) अब स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने जा रही है। SIT के सदस्यों ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर छह दिनों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी।जांच के दौरान कई संज्ञेय अपराध और गंभीर खामियां सामने आई हैं।

ट्रस्ट का सदस्य न होते हुए भी गोपाल राव महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे, जबकि ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर पाए। गणना के दौरान चोरी का पता चला और कई लोगों के बयान दस्तावेजों से मेल नहीं खा रहे हैं।इन तथ्यों के आधार पर SIT अब FIR दर्ज कराकर आगे की जांच करेगी।

क्या बोले कानून विशेषज्ञ
 
पूर्व पुलिस महानिदेशक सूर्य कुमार शुक्ला ने कहा कि दान की नकदी की गणना में कहीं न कहीं चूक हुई है। बैंक कर्मियों की मिलीभगत या लापरवाही हो सकती है। इसका फायदा उठाकर कुछ लोगों ने लालच में चोरी की, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान हुआ। ट्रस्ट और बैंक दोनों स्तर पर निगरानी कमजोर रही।
 
उच्च न्यायालय इलाहाबाद के पूर्व न्यायमूर्ति डी.पी. सिंह का कहना है कि गबन जैसे मामलों में तथ्य खोजने के लिए बिना FIR दर्ज किए प्रारंभिक जांच की जा सकती है। अगर प्रारंभिक जांच में संज्ञेय अपराध पाया जाता है तो FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ललित कुमार मामले के आदेश का हवाला दिया।
 
हालांकि, अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रियनाथ सिंह ने इसे अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि बिना FIR दर्ज किए किसी भी मामले की जांच नहीं की जा सकती। इससे अपराधियों को फायदा पहुंचता है और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका रहती है। SIT अब प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज कर मामले की आगे की जांच करेगी।
 
एसआईटी जांच रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए : अखिलेश यादव

अमृत विचार: अयोध्या में राम मंदिर चंढ़ावा घोटाले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार द्वारा एसआईटी जांच को लेकर तंज कसा है, जांच रिपोर्ट पर होने वाली कार्रवाई पर संसय जाहिर किया है। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि एसआईटी ध्यान रखे, कहीं जांच की रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए, फिर कहेंगे 15 दिन और इंतजार कर लो, रिपोर्ट सौपने में दिन बढ़ेंगे क्योंकि सबूत ठिकाने लगाने हैं।

 

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