कैलाश मानसरोवर यात्रा पर विदेश मंत्रालय की बड़ी चेतावनी: बिना परमिट-वीजा नेपाल में फंसे कई भारतीय, जारी हुई जरूरी एडवाइजरी
नई दिल्लीः विदेश मंत्रालय (MEA) ने कैलाश मानसरोवर की धार्मिक यात्रा पर जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण गाइडलाइन जारी की है। सरकार ने सचेत किया है कि कई श्रद्धालु निजी टूर ऑपरेटरों के जरिए बिना जरूरी कागजात पूरे किए यात्रा पर निकल गए, जिसके कारण वे नेपाल में फंस गए हैं। नेपाल में फंसे इन नागरिकों की ओर से मदद की गुहार मिलने के बाद मंत्रालय ने यह कदम उठाया है।
परमिट और वीजा के बिना न छोड़ें देश
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कुछ श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेजों की प्रतीक्षा किए बिना ही भारत से प्रस्थान कर दिया। चीन में प्रवेश के लिए अनिवार्य वीजा और परमिट न होने के कारण इन यात्रियों को नेपाल में ही रुकने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
सरकार की साफ सलाह: जब तक यात्रा से संबंधित सभी कानूनी दस्तावेज और अनुमतियां पूरी तरह आपके हाथ में न आ जाएं, तब तक भारत की सीमा से बाहर सफर की शुरुआत कतई न करें। सिर्फ इस उम्मीद या भरोसे पर घर से निकलना कि आगे के दस्तावेज रास्ते में मिल जाएंगे, श्रद्धालुओं को बड़ी मुसीबत में डाल सकता है।
टूर ऑपरेटरों की प्रामाणिकता जांचना जरूरी
एडवाइजरी में एक और अत्यंत महत्वपूर्ण बात कही गई है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे बुकिंग करने से पहले संबंधित टूर ऑपरेटर की अच्छे से जांच-परख कर लें।
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यात्रा पर निकलने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका टूर ऑपरेटर सरकार द्वारा पूरी तरह पंजीकृत (Registered) और अधिकृत (Authorized) है।
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गैर-अधिकृत या फर्जी ऑपरेटरों के झांसे में आने के कारण ही अक्सर यात्रियों को विदेशों में जाकर कागजी दिक्कतों और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी नागरिक अपनी इस पावन धार्मिक यात्रा के दौरान किसी भी अनचाही मुसीबत या धोखाधड़ी का शिकार न हो और उनकी यात्रा पूरी तरह सुरक्षित व सुगम रहे।
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