वाराणसी में युवाओं का बढ़ा स्वरोजगार की ओर रुझान : मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना से 3,824 को मिला 164.65 करोड़ का ऋण

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Published By Deepak Mishra
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3,824 लाभार्थियों को 164.65 करोड़ रुपये का ऋण और 16.46 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली

वाराणसी में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत हजारों युवाओं को ब्याजमुक्त और बिना गारंटी ऋण मिला है। अब तक 3,824 लाभार्थियों को 164.65 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में युवाओं के बीच स्वरोजगार और उद्यमिता का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के जरिए बड़ी संख्या में युवा नौकरी तलाशने के बजाय अपना कारोबार शुरू कर रहे हैं। ब्याजमुक्त और बिना गारंटी ऋण की सुविधा ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया है।

जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत ऋण प्राप्त करने वाले युवाओं की संख्या वर्ष 2024-25 की तुलना में लगभग पांच गुना बढ़ी है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती दो महीनों में ही अधिकांश निर्धारित लक्ष्य के लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध करा दिया गया है, जिससे योजना की बढ़ती लोकप्रियता स्पष्ट होती है।

उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 से अब तक वाराणसी से कुल 9,067 आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें से 4,107 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली और 3,824 युवाओं को कुल 164.65 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा लाभार्थियों को 16.46 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को उद्योग और सेवा क्षेत्र में नया कारोबार शुरू करने के लिए अधिकतम पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त एवं बिना गारंटी ऋण दिया जाता है। योजना की एक विशेष सुविधा यह भी है कि पहले छह महीने तक लाभार्थी को ईएमआई का भुगतान नहीं करना पड़ता।

उपायुक्त ने बताया कि यदि कोई लाभार्थी चार वर्ष के भीतर पांच लाख रुपये तक का ऋण समय पर चुका देता है, तो वह अगले चरण में 10 लाख रुपये तक के ऋण का पात्र बन सकता है। प्रथम चरण में 10 प्रतिशत अनुदान और दूसरे चरण में 7.5 लाख रुपये तक के ऋण पर 50 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना ने वाराणसी के युवाओं में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता का नया विश्वास पैदा किया है। बड़ी संख्या में युवा छोटे उद्योग, सेवा क्षेत्र, विनिर्माण इकाइयों और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर न केवल अपनी आजीविका सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं।

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