सीतापुर के DM ने CHC मिश्रिख का किया औचक निरीक्षण, लापरवाही पर डॉक्टरों-कर्मचारियों की फटकार; वेतन को लेकर दिया ये आदेश

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Published By Muskan Dixit
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा के दौरान रजिस्टरों में मिलीं खामियां, बंद मिली CBC मशीन; साफ-सफाई और कार्यप्रणाली पर भी जताई नाराजगी

सीतापुर: जिले के जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मिश्रिख का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) की मॉनिटरिंग, टीकाकरण, लैब सेवाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। कई स्तरों पर लापरवाही मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने चिकित्सकों से बातचीत कर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी रजिस्टर का अवलोकन किया और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) से अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत टीकाकरण व्यवस्था की भी समीक्षा की।

रजिस्टरों में मिलीं खामियां, अधिकारियों को चेतावनी

जांच के दौरान अभियान से संबंधित पृथक रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिला, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। वहीं ANC रजिस्टर के निरीक्षण में भी कई त्रुटियां सामने आईं। शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्य न होने पर डीएम ने एआरओ (ARO) को कड़ी चेतावनी दी और BPM तथा ARO का 15-15 दिन का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।

खुद चलाई BP मशीन, मरीज को फोन कर ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में उपलब्ध बीपी मशीन को स्वयं चलाकर उसकी कार्यक्षमता जांची। इसके बाद उन्होंने HRP ट्रैकिंग रजिस्टर में दर्ज एक गर्भवती महिला को फोन कर अस्पताल से मिली स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी ली।

CBC मशीन बंद मिलने पर नाराजगी

डीएम जब सीबीसी लैब पहुंचे तो वहां CBC मशीन बंद मिली। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए BPM और ARO को फटकार लगाई।

साफ-सफाई और रिकॉर्ड में भी मिलीं कमियां

अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के संचालन में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा।

इसके अलावा BCPM के विभागीय रिकॉर्ड में भी अनियमितताएं मिलने पर उनके कार्यों पर असंतोष व्यक्त किया गया और BCPM का भी 15 दिन का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए गए।

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