वेनेजुएला से लौटे भारतीय नाविक के शव पर बड़ा विवाद, परिवार का दावा- बॉडी के प्रमुख अंग गायब; जानें राकेश के साथ क्या हुआ
33 वर्षीय राकेश चौहान की संदिग्ध मौत के बाद बढ़ा विवाद, FSIU ने वेनेजुएला सरकार, भारतीय दूतावास और कंपनी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
नई दिल्ली: वेनेजुएला में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाले भारतीय नाविक राकेश चौहान के शव को भारत लाए जाने के बाद मामला गंभीर विवाद में बदल गया है। परिजनों का आरोप है कि शव के पोस्टमार्टम के दौरान यह सामने आया कि शरीर के कई प्रमुख आंतरिक अंग मौजूद नहीं थे। इसके बाद परिवार ने दोबारा पोस्टमार्टम (री-ऑटोप्सी) कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फेडरेशन ऑफ सीफेयर्स ऑफ इंडिया (FSIU) ने भी इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए विस्तृत जांच, पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने और परिवार को न्याय एवं उचित मुआवजा देने की मांग की है।
FSIU ने उठाए गंभीर सवाल
फेडरेशन ऑफ सीफेयर्स ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी बयान में कहा कि राकेश चौहान का शव वेनेजुएला से उत्तर प्रदेश भेजा गया, लेकिन उसके साथ कथित रूप से विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। संगठन का कहना है कि भारत में हुए पोस्टमार्टम के दौरान कई गंभीर तथ्य सामने आए, जिसके बाद पूरे मामले की पारदर्शी जांच आवश्यक हो गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर परिवार की आपत्ति
FSIU के अनुसार भारत में हुए पोस्टमार्टम में शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग नहीं मिले। संगठन ने दावा किया कि इनमें मस्तिष्क (ब्रेन), हृदय (हार्ट), दोनों फेफड़े, लिवर, दोनों किडनी, स्प्लीन, पैंक्रियाज, पेट, आंत, थायरॉयड, हायॉइड, लैरिंक्स और ट्रेकिया शामिल हैं।
संगठन ने यह भी दावा किया कि शव पर पहले से सिलाई (स्टिचिंग) के निशान थे। उनके अनुसार गर्दन से प्यूबिक सिम्फिसिस तक 22 टांके और कान से कान तक 21 टांके लगाए गए थे। साथ ही शव लगभग एक महीने तक डीप फ्रीजर में रखे जाने की बात भी कही गई है।
FSIU का कहना है कि प्रमुख अंगों के अभाव में मृत्यु का सटीक कारण निर्धारित करना कठिन हो गया है।
https://twitter.com/FSUIINDIA/status/2071893044794687954?s=20
परिवार और संगठन की मांग
परिवार और FSIU ने मांग की है कि:
- वेनेजुएला सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करे।
- वेनेजुएला स्थित भारतीय दूतावास तत्काल हस्तक्षेप करे।
- पूरी ऑटोप्सी रिपोर्ट और मृत्यु की परिस्थितियों का खुलासा किया जाए।
- पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
क्या है पूरा मामला?
33 वर्षीय राकेश चौहान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी थे और मुंबई में अपने परिवार के साथ रहते थे। उन्होंने नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी जॉइन की थी और वेनेजुएला में मरीन फिटर के रूप में कार्यरत थे।
परिजनों के अनुसार 7 मई 2026 को कंपनी की ओर से सूचना दी गई कि राकेश एक दुकान में गिरकर घायल हो गए हैं। अगले दिन उनकी हालत गंभीर बताई गई और बाद में कंपनी ने उनके निधन की जानकारी दी। कंपनी का कहना है कि राकेश को चक्कर आने के कारण गिरने से चोट लगी थी और उपचार के दौरान हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हुई।
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