Pilibhit Leopard Safari: पीलीभीत में जल्द शुरू होगी लेपर्ड सफारी, लखनऊ में बनेगा स्नेक वेनम सेंटर

Amrit Vichar Network
Published By Anuj Sharma
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तेंदुओं के बढ़ते कुनबे को देखते हुए तैयार हुई योजना, राजधानी में विष अनुसंधान केंद्र की भी तैयारी तेज

पीलीभीत में जल्द लेपर्ड सफारी शुरू हो सकती है, जबकि लखनऊ में स्नेक वेनम एक्सट्रैक्शन सेंटर स्थापित करने की तैयारी चल रही है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने गुरुवार को कई परियोजनाओं की प्रोग्रेस की समीक्षा कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं।

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बापू भवन में वन्यजीव संरक्षण, इको-टूरिज्म और पर्यटक सुविधाओं को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना।

अमृत विचार, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को नया आयाम देने की तैयारी शुरू हो गई है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जल्द लेपर्ड सफारी विकसित की जाएगी, जबकि राजधानी लखनऊ में स्नेक वेनम एक्सट्रैक्शन सेंटर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम किया जाएगा। गुरुवार को बापू भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने इन दोनों परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दुधवा नेशनल पार्क, इटावा लायन सफारी, कानपुर प्राणी उद्यान और नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान, लखनऊ की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पीलीभीत क्षेत्र में तेंदुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए लेपर्ड सफारी की योजना तैयार की गई है। इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार हो चुका है और अब इसे जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।

 

लेपर्ड सफारी शुरू होने से प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र विकसित होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) 

 

सर्पदंश उपचार और शोध को मिलेगी नई दिशा

बैठक में लखनऊ में प्रस्तावित स्नेक वेनम एक्सट्रैक्शन सेंटर की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परियोजना को जल्द अंतिम रूप दिया जाए। इस केंद्र के शुरू होने के बाद सर्पदंश के उपचार, विष अनुसंधान और एंटी-वेनम से जुड़े कार्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश में हर वर्ष बड़ी संख्या में सर्पदंश के मामले सामने आते हैं, ऐसे में यह केंद्र स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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वन्यजीव संरक्षण, इको-टूरिज्म और पर्यटक सुविधाओं को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारी।

इटावा लायन सफारी में सुविधाएं सुधारने के निर्देश

इटावा लायन सफारी की समीक्षा के दौरान वन मंत्री ने लंबित निर्माण कार्यों और आधारभूत सुविधाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं।

चिड़ियाघरों में बढ़ेंगी नई गतिविधियां

प्रदेश के सभी प्राणी उद्यानों के निदेशकों को वन्यजीवों के स्वास्थ्य, संरक्षण और देखभाल पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नई गतिविधियां शुरू करने, जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाने और सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए गए।

शौचालयों की सफाई पर भी फोकस

बैठक में सार्वजनिक सुविधाओं, खासकर शौचालयों की स्वच्छता को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। वन मंत्री ने कहा कि सभी पर्यटन स्थलों और प्राणी उद्यानों में साफ-सफाई की नियमित निगरानी होनी चाहिए, क्योंकि पर्यटकों का अनुभव काफी हद तक बुनियादी सुविधाओं पर निर्भर करता है। बैठक में प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन वी हेकाली झिमोमी, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अनुराधा बेमूरी समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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