राहुल गांधी मानहानि केस में सुलतानपुर कोर्ट में टली बहस, अब 30 जून को होगी अंतिम सुनवाई
सुलतानपुर, अमृत विचार। कांग्रेस नेता, प्रतिपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे चर्चित मानहानि मामले में गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। इस मामले में आज अंतिम बहस होनी थी, लेकिन परिवादी पक्ष द्वारा समय मांगे जाने के कारण अदालत ने सुनवाई को आगे बढ़ा दिया है।
परिवादी के जनपद से बाहर होने पर मांगा गया समय
अदालत की कार्यवाही के दौरान परिवादी एवं भाजपा नेता विजय मिश्र की ओर से अधिवक्ता संतोष पांडेय ने न्यायालय को सूचित किया कि परिवादी इस समय जनपद (किले/क्षेत्र) से बाहर हैं। इस वजह से बहस के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से उनके अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल भी अदालत में मुस्तैद रहे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राकेश की अदालत ने परिवादी पक्ष की मांग को स्वीकार करते हुए उन्हें बहस के लिए यह अंतिम अवसर प्रदान किया है और अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तिथि नियत की है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद साल 2018 का है, जब बंगलुरू में आयोजित एक जनसभा के दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी से आहत होकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने सुलतानपुर की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का वाद दायर किया था।
इस मामले में पूर्व में एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा द्वारा वॉयस सैंपल लिए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया गया था, जिसके आदेश को चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई थी। राहुल गांधी पहले ही सुलतानपुर अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जमानत प्राप्त कर चुके हैं और उनका बयान भी दर्ज किया जा चुका है। अब यह पूरा मामला अपनी अंतिम सुनवाई के चरण में पहुंच गया है।
