Firozabad News : ज्वेलर्स लूटकांड का खुलासा, मुठभेड़ के बाद तीन बदमाश गिरफ्तार
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले की शिकोहाबाद पुलिस ने चर्चित ज्वेलर्स लूटकांड का खुलासा करते हुए मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से 19 लाख रुपये नकद, अवैध हथियार, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनुज चौधरी ने बताया कि शिकोहाबाद क्षेत्र में 12 जून की शाम ज्वेलर्स हरिओम वर्मा दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से घर जा रहे थे। रास्ते में मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उनकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर नगदी और जेवरात से भरा बैग लूट लिया था।
घटना के खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर छह टीमों का गठन किया गया था। पुलिस टीमों ने करीब 100 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू की। उन्होंने बताया कि शुक्रवार तड़के मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छीछामई क्षेत्र में नहर के पास एक संदिग्ध काले रंग की स्कॉर्पियो को घेर लिया।
वाहन रोकने का प्रयास किए जाने पर उसमें सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि उसके दो साथियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित उर्फ भोला, नीरज शर्मा और कौशलेंद्र सिंह के रूप में हुई है। तीनों ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार सुमित पर 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि उसके दोनों साथियों के खिलाफ भी पूर्व से कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह रकम लूटे गए सोने के जेवरात बेचकर प्राप्त की गई थी। उनके पास से दो अवैध तमंचे, कारतूस और खोखे भी बरामद किए गए हैं।
आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है, जबकि फरारी के लिए इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों तथा लूट के माल की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है और कुछ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
मुठभेड़ में घायल आरोपी को उपचार के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। विधिक कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जाएगा। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जहां पुलिस ने राहत की सांस ली है, वहीं व्यापारियों में व्याप्त आक्रोश भी काफी हद तक शांत हुआ है। व्यापारिक संगठनों ने इस मामले में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी।
