अखिलेश यादव का BJP पर हमला : ‘भगवान राम और संविधान दोनों से हुआ विश्वासघात’, राम मंदिर चढ़ावे पर भी उठाए सवाल

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Published By Deepak Mishra
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राम मंदिर चढ़ावे और संविधान को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने 53वें जन्मदिन पर भाजपा पर भगवान राम और संविधान के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया। राम मंदिर चढ़ावे की कथित चोरी का जिक्र करते हुए कीमती सामान वापस मिलने की मांग की।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने 53वें जन्मदिन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान श्रीराम की मर्यादा और संविधान, दोनों के साथ विश्वासघात किया है। साथ ही अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े कथित गबन के मामले को लेकर भी सरकार को घेरा।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि राम मंदिर से जुड़े सभी कीमती सामान सुरक्षित वापस मिलें। उन्होंने कहा कि मंदिर का सोना, चांदी, हीरे, आभूषण, सोने और चांदी की खड़ाऊं सहित सभी बहुमूल्य वस्तुएं श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी हैं और उन्हें वापस मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा, "सच सामने आए या न आए, लेकिन कम से कम मंदिर का सोना, चांदी, हीरे, आभूषण और खड़ाऊं श्रद्धालुओं को वापस मिलनी चाहिए।"

राम मंदिर चढ़ावे और संविधान को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

लोकसभा चुनाव 2024 का जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि जनता ने संविधान की रक्षा के लिए भाजपा को बड़ा संदेश दिया था। उनका आरोप था कि अब भाजपा विपक्षी सांसदों को अपने पक्ष में लाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की भावना को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि "मर्यादा का पहला प्रतीक भगवान श्रीराम हैं और दूसरा संविधान। भाजपा ने दोनों के साथ धोखा किया है।" उन्होंने भाजपा पर जनभावनाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।

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