प्रतापगढ़ में सपा सांसद डॉ. एसपी सिंह पटेल के बयान पर सियासी घमासान, जातिगत टिप्पणी को लेकर बढ़ा विवाद
विश्वनाथगंज की जनसभा में विकास कार्यों को लेकर सपा सांसद ने जातिगत आधार पर टिप्पणी की। बयान के बाद भाजपा और अपना दल (एस) ने इसे समाज को बांटने वाला बताया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने प्रतिक्रिया देने से परहेज किया।
प्रतापगढ़। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रतापगढ़ सांसद डॉ. एसपी सिंह पटेल का एक बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा के दौरान उन्होंने विकास कार्यों में कथित भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए जातिगत संदर्भ में टिप्पणी की, जिसके बाद विपक्षी दलों ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।
जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि कई गांवों में जहां ठाकुर और पंडित समुदाय के लोगों के घर हैं, वहां तक सड़कें बनी हुई हैं, जबकि दलित और पिछड़े वर्ग की बस्तियों में सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र की सभी पांच विधानसभा सीटों में ऐसी स्थिति देखते रहे हैं और इसी सोच के आधार पर उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं तय की हैं।
बयान के बाद क्यों बढ़ा विवाद?
सांसद के बयान में सीधे तौर पर ठाकुर और पंडित समुदाय का उल्लेख किए जाने के बाद इसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विरोधी दलों का कहना है कि विकास के मुद्दे को जातीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना समाज में विभाजन पैदा करने वाला कदम है। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
भाजपा ने साधा निशाना
भाजपा के प्रतापगढ़ प्रवक्ता राघवेंद्र शुक्ला ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा समाज को बांटने की राजनीति करती रही है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में सपा की सरकार थी, तब इस तरह की बातें नहीं उठाई गईं। वर्तमान सरकार बिना किसी जातीय या धार्मिक भेदभाव के विकास कार्य कर रही है।
अपना दल (एस) ने भी जताई आपत्ति
अपना दल (एस) के जिलाध्यक्ष राज कुमार पटेल ने कहा कि एनडीए सरकार ने अपने कार्यकाल में सभी वर्गों के लिए समान रूप से विकास कार्य किए हैं। उनके अनुसार किसी विशेष जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर विकास नहीं किया गया और इस प्रकार के बयान समाज में विभाजन पैदा करते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने प्रतिक्रिया देने से किया परहेज
सपा सांसद के बयान पर कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने तत्काल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। पहले उन्होंने बयान की जानकारी न होने की बात कही और बाद में इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से बचते नजर आए।
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