बरेली में 2 महीने के मासूम को ठेले के नीचे छोड़कर क्यों भागे माता-पिता? 24 घंटे में खुला ऐसा राज जिसने सबको कर दिया भावुक

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Published By Muskan Dixit
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बच्चे के माता-पिता को खोजते हुए हरदोई पहुंची बरेली पुलिस, दंपत्ति बोला-बच्चे को गंभीर बीमार है-इलाज कराने भर के पैसे नहीं 

अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के बरेली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। माता-पिता अपने दो महीने के मासूम बच्चे को ठेले के नीचे छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बच्चे को बाल कल्याण समिति के हवाले किया और 24 घंटे के भीतर हरदोई में माता-पिता तक पहुंच गई। दंपत्ति ने पुलिस को बताया कि उनका बच्चा गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इलाज के लिए पैसा नहीं है। मजबूरी में उसे छोड़कर आ गए। हालांकि अब दंपत्ति बच्चे की चाहत में तड़प रहा है। 

मामला सैटेलाइट बस अड्डे का है। यहां फल के तमाम ठेले लगे रहते हैं। 5 जुलाई को ठेले के नीचे से बच्चे के रोने की आवाज आई। फल विक्रेताओं ने पुलिस को खबर दी। चौकी प्रभारी मयंक भारद्वाज मौके पर पहुंचे। फौरन एंबुलेंस बुलाकर बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में उसे बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया। 

बच्चा किसका है और उसे कौन छोड़ गया? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए पुलिस ने आसपास के सारे सीसीटीवी कैमरे खंगाल डाले। एक दंपत्ति नजर आया। पुलिस ने उसकी पड़ताल की तो हरदोई के निवासी पाए गए।

मजबूरी में छोड़ा बच्चा

बरेली पुलिस सीसीटीवी के आधार पर हरदोई के ओम प्रकाश वाजयेपी और स्वाति वाजपेयी के घर तक पहुंच गई। पूछताछ में दंपत्ति ने बताया कि बच्चा उन्हीं का है। वह बीमार है। इलाज कराने के लिए पैसे नहीं है। इसलिए उसे छोड़कर आ गए। ओम प्रकाश पल्लेदारी करते हैं। आर्थिक हालत बहुत अच्छी नहीं है। उस पर बच्चे को गंभीर बीमारी ने माता-पिता को यह कदम उठाने पर विवश कर दिया। 

बरेली पहुंचे माता-पिता 

मंगलवार को दंपत्ति हरदोई से बरेली पहुंचा। जिला पंचायत स्थित दत्तक ग्रहण एजेंसी जाकर बच्चे को एक नजर देखने के लिए तड़प उठा। हालांकि स्टॉफ ने उन्हें बाल कल्याण समिति से संपर्क करने की सलाह दी। इसलिए क्योंकि अधिकारिक तौर पर अभी बच्चे के माता-पिता होने की पुष्टि बाकी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माता-पिता को उससे मिलने की इजाजत मिल सकती है। 

बरेली के एसएसपी बोले 

बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि बच्चे के माता-पिता की पहचान हो गई है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। बच्चे के संरक्षण को लेकर अंतिम फैसला बाल कल्याण समिति लेगी।

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