CJP Protest Violence: संसद मार्च में बवाल के बाद दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, इन अहम एंगल पर हो रही जांच
संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। 250 से अधिक वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं, कई एफआईआर दर्ज की गई हैं और सोशल मीडिया व मैसेजिंग ग्रुप्स की भी जांच की जा रही है।
नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान सोमवार को कई स्थानों पर हिंसा और झड़प की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। कई एफआईआर दर्ज की गई हैं और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। मंगलवार को प्रदर्शनकारी फिर जंतर-मंतर लौट आए, जबकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की विभिन्न पहलुओं से पड़ताल कर रही है।
250 से ज्यादा वीडियो फुटेज की हो रही जांच
दिल्ली पुलिस ने जांच का मुख्य आधार डिजिटल साक्ष्यों को बनाया है। अधिकारियों के अनुसार मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों की रिकॉर्डिंग और पुलिस बॉडी कैमरों सहित 250 से अधिक वीडियो की जांच की जा रही है।
इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया में जुटी है।
किन-किन एंगल पर जांच कर रही है दिल्ली पुलिस?
पुलिस कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच कर रही है, जिनमें शामिल हैं—
-क्या हिंसा में शामिल लोगों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है?
-क्या प्रदर्शन के दौरान हिंसा पहले से सुनियोजित थी?
-क्या संसद मार्च में शामिल कुछ लोग संगठित तरीके से तोड़फोड़ और पथराव करने पहुंचे थे?
-क्या घटना से पहले किसी व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को जुटाया गया या भड़काने वाले संदेश प्रसारित किए गए?
-क्या हिंसा के पीछे किसी तरह का समन्वित नेटवर्क सक्रिय था?
इन सभी पहलुओं की जांच डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर की जा रही है।
व्हाट्सएप ग्रुप भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान पुलिस के सामने कई व्हाट्सएप ग्रुप आने की जानकारी मिली है। इनमें "चलो संसद" और "JNU संसद चलो कोऑर्डिनेशन" नाम के ग्रुप भी शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार इन ग्रुपों में प्रदर्शन से जुड़े संदेश और अन्य पोस्ट साझा किए गए थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन संदेशों को किसने पोस्ट किया और उनका उद्देश्य क्या था। इस संबंध में सामने आए सभी डिजिटल इनपुट की जांच की जा रही है।
हिंसा में पुलिस और प्रदर्शनकारी दोनों पक्षों के घायल होने का दावा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार संसद मार्च के दौरान हुई झड़प में 6 आईपीएस अधिकारियों सहित 118 पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं, पुलिस का कहना है कि 20 से अधिक पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचा, जबकि करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस सीसीटीवी और अन्य वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी रखे हुए है।
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