CJP Protest: प्रदर्शन के बाद अभिजीत दीपके ने समर्थकों से मांगी माफी, बोले- घायल छात्र-छात्राएं सीधे करें संपर्क
जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के बाद CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने समर्थकों, खासकर घायल छात्राओं से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए और बेहतर प्रयास किए जा सकते थे, जबकि पुलिस ने कार्रवाई में 118 सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी।
नई दिल्लीः कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च किया, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई।
घटनाक्रम के अगले दिन CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर अपने समर्थकों से माफी मांगी। उन्होंने विशेष रूप से उन छात्राओं का उल्लेख किया, जिन पर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा बल प्रयोग किए जाने का आरोप लगाया गया है।
'हम और बेहतर कर सकते थे'
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह सभी समर्थकों, विशेषकर घायल छात्राओं से माफी मांगते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए और बेहतर प्रयास किए जा सकते थे।
उन्होंने लिखा कि वह प्रदर्शनकारियों को कथित पुलिस कार्रवाई से बचाने के लिए और प्रभावी ढंग से काम कर सकते थे। यह बयान घटना के बाद पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया है।
धर्मेंद्र प्रधान और केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
अपनी पोस्ट में अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार केंद्रीय मंत्री को बचाने के लिए छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को तैयार थी। यह आरोप दीपके की ओर से लगाए गए हैं।
https://twitter.com/abhijeet_dipke/status/2079401833231995217?s=20
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के दावे अलग-अलग
प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्र-छात्राएं घायल हुए।
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम में 118 सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए। दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं।
घायलों से सीधे संपर्क की अपील
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में कहा कि जो भी प्रदर्शन के दौरान घायल हुआ है, वह उन्हें सीधे संदेश (DM) भेज सकता है। उन्होंने घायलों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने की इच्छा भी जताई।
पोस्ट के अंत में दीपके ने कहा कि छात्रों के अधिकारों और न्याय से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
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