One Nation One Election: 'एक देश-एक चुनाव' पर तेज हुई कवायद, JPC अध्यक्ष पीपी चौधरी बोले- सुझावों के बाद संसद को सौंपेंगे रिपोर्ट
लखनऊ, अमृत विचार: ''वन नेशन, वन इलेक्शन'' से जुड़े संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 तथा संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024 पर गठित संसदीय संयुक्त समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा कि समिति आवश्यक संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर वर्ष 2029 तक ''एक देश-एक चुनाव'' व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देशभर से राजनीतिक दलों, विधि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, उद्योग संगठनों और अन्य हितधारकों के सुझाव प्राप्त करने के बाद अंतिम रिपोर्ट संसद को सौंपी जाएगी।
लखनऊ के एक होटल में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में चौधरी ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्य, प्रशासनिक व्यवस्था और अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। आदर्श आचार संहिता बार-बार लागू होने से परियोजनाओं में देरी होती है और सरकारी मशीनरी का बड़ा हिस्सा चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहता है।
उनका कहना था कि एक साथ चुनाव होने से समय, संसाधनों और सरकारी खर्च की बचत होगी। जेपीसी अध्यक्ष ने कहा कि 1952, 1957, 1962 और 1967 में लोकसभा और अधिकांश राज्यों के विधानसभा चुनाव साथ हुए थे। बाद में समय से पहले विधानसभा भंग होने, राष्ट्रपति शासन और अन्य कारणों से चुनावी चक्र अलग हो गया। उन्होंने कहा कि भारतीय मतदाता पर्याप्त परिपक्व है और एक साथ चुनाव होने पर भ्रमित होने की आशंका निराधार है।
जेपीसी अध्यक्ष ने बताया कि समिति विभिन्न राज्यों का दौरा कर राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों से सुझाव ले रही है। उत्तर प्रदेश में भी सभी पक्षों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण करने के बाद अंतिम रिपोर्ट संसद को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव होने से चुनावी खर्च में कमी आएगी, सुरक्षा बलों और प्रशासनिक तंत्र की बार-बार तैनाती की जरूरत घटेगी तथा शासन-प्रशासन की कार्यकुशलता बढ़ेगी। इसे उन्होंने देश में चुनावी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग, विधि आयोग, संविधान समीक्षा आयोग, संसद की स्थायी समिति, नीति आयोग और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति भी इस व्यवस्था की सिफारिश कर चुकी हैं। कोविंद समिति ने विभिन्न पक्षों से विचार-विमर्श के बाद 18 हजार पृष्ठों से अधिक की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। वर्तमान में जेपीसी विभिन्न राज्यों का दौरा कर सुझाव जुटा रही है और अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी।
एक दिन नहीं, एक चुनावी चक्र में होंगे चुनाव
पी.पी. चौधरी ने कहा कि ''वन नेशन, वन इलेक्शन'' को लेकर सबसे बड़ी भ्रांति यह है कि पूरे देश में एक ही दिन मतदान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं है। लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होंगे, लेकिन मतदान पहले की तरह कई चरणों में कराया जा सकेगा। इससे सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रबंधन प्रभावित नहीं होगा।
लखनऊ में सभी दलों से लिए सुझाव
जेपीसी ने मंगलवार को लखनऊ में विभिन्न राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों के साथ बैठक कर उनके विचार सुने। बैठक में सत्तापक्ष ने प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि विपक्षी दलों ने अपने सुझाव और आपत्तियां समिति के समक्ष रखीं। समिति का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट तैयार करते समय सभी पक्षों के विचारों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
