LIVEUP Rain Alert: यूपी में मानसून का कहर...7 की मौत, बारिश ने खोली आगरा स्मार्ट सिटी की पोल, कई इलाकों में सड़कें धंसीं; 50 से ज्यादा जगहों पर जलभराव
डिजिटल डेस्क। देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और जलभराव ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, यातायात प्रभावित है और नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 2 से 3 दिनों में पूरे देश में मानसून के पहुंचने की संभावना जताते हुए कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देशभर में बारिश, बाढ़, मौसम अलर्ट और उससे जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए इस Monsoon Live Updates ब्लॉग से जुड़े....
बारिश ने खोली आगरा स्मार्ट सिटी की पोल, कई इलाकों में सड़कें धंसीं; 50 से ज्यादा जगहों पर जलभराव
आगरा। बीते 24 घंटों में रुक-रुककर हुई बारिश ने आगरा नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के दावों की हकीकत उजागर कर दी। शहर के 50 से अधिक स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई प्रमुख सड़कें और गली-मोहल्ले तालाब में तब्दील हो गए हैं।
बारिश के चलते वीवीआईपी रोड समेत कई इलाकों में सड़कें धंस गई हैं। आगरा स्मार्ट सिटी की पॉश कॉलोनी कमला नगर स्थित कर्मयोगी एन्क्लेव के पास सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा बन गया, जिससे हादसे की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार हो रही बारिश के बीच शहर के कई निचले इलाकों में लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।
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बलरामपुर में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से युवक की मौत
बलरामपुरः बलरामपुर जिले के हरैया थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से धान की रोपाई कर रहे एक युवक की मौत हो गई। एक प्रशासनिक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी । उप जिलाधिकारी (एसडीएम) राकेश कुमार जयंत ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम ग्राम सिंगाही सिंगरोर निवासी शिव कुमार वर्मा (21) अपने खेत में धान की रोपाई कर रहा था। तभी आकाशीय बिजली गिरने से उसकी चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट मिलते ही मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

उत्तरकाशी में नालूपानी, नगून के पास भूस्खलन होने से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित
उत्तरकाशीः उत्तरकाशी के विभिन्न स्थानों पर पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण नालू पानी व नगून के पास भूस्खलन होने और मलबा आने से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मार्ग को साफ करने के लिए प्रशासन की कई टीम मौके पर मौजूद है लेकिन बारिश और गिरते पत्थरों के कारण मलबा हटाने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि कुछ देर रास्ता खुलने के बाद बारिश के साथ पहाड़ी से पुनः मलबा आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बुधवार से हो रही बारिश के कारण नालूपानी व नगून की पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों और मलबे के कारण बार-बार मार्ग बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में भारी बारिश, पांवटा में आज बंद रहेंगे स्कूल
नाहनः हिमाचल प्रदेश में पिछले 36 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश ने सिरमौर जिले के कई हिस्सों में भारी तबाही मचा दी है और स्थिति को देखते हुए पांवटा प्रशासन ने शुक्रवार को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है लेकिन बृहस्पतिवार देर शाम शिलाई क्षेत्र के पास एक बैल के गहरी खाई में गिरने से उसकी मौत हो गई। सिरमौर की प्रमुख नदियां टोंस, यमुना, बाटा, गिरि और मार्कंडा तथा दर्जनों छोटे-छोटे नाले उफान पर हैं।
प्रशासन ने लोगों को इन नदियों और नालों से दूर रहने की सलाह दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा भारी बारिश और बादल गरजने का अलर्ट जारी किए जाने के मद्देनजर सिरमौर जिले के पांवटा के उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) द्विज गोयल ने शुक्रवार को उपमंडल के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। बृहस्पतिवार देर रात जारी आदेशों के अनुसार, शुक्रवार को उपमंडल के सभी सरकारी एवं निजी स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, बाल वाटिकाएं तथा अन्य सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। बहरहाल, इन संस्थानों के प्रमुख और कर्मचारी सक्षम प्राधिकारी के निर्देशानुसार प्रशासनिक तथा आपातकालीन कार्यों के लिए उपलब्ध रहेंगे। बारिश का असर जिले के सड़क यातायात पर भी पड़ा है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अनुसार, जिले में कुल 34 सड़कें बंद हैं। इनमें शिलाई उपमंडल की 21 सड़कें, संगड़ाह की आठ, नाहन की चार और राजगढ़ की एक सड़क शामिल है।
संतकबीरनगर, कुशीनगर, बुलंदशहर, शामली और गाजियाबाद में अलग-अलग हादसे, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। बीते 24 घंटों में कई जिलों में हुई मूसलाधार बारिश और उससे जुड़े हादसों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, संतकबीरनगर, कुशीनगर, बुलंदशहर, शामली और गाजियाबाद में अलग-अलग बारिश संबंधी घटनाओं में लोगों की जान गई है। लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। जगह-जगह जलभराव, सड़कों पर पानी भरने और यातायात बाधित होने की स्थिति बनी रही। निचले इलाकों में लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
बारिश की वजह क्या है?
आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक कृष्णा मिश्रा के अनुसार, इस समय दो प्रमुख मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं:
- दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के आगरा और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ग्वालियर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
- उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है।
- इसके साथ ही अरब सागर से आने वाली नमी से भरपूर हवाएं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश करा रही हैं।
सदर बाजार में जलभराव से कारोबार ठप
एशिया के सबसे बड़े थोक बाजारों में शामिल सदर बाजार में मानसून की पहली तेज बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। कई स्थानों पर घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया। सड़कों और गलियों में 2 से 3 फीट तक जलभराव होने से सैकड़ों दुकानों में सीवर का पानी घुस गया, जिससे लाखों रुपये का सामान खराब हो गया।
व्यापारियों के अनुसार, जलभराव के कारण बाजार का कारोबार घटकर करीब 20% रह गया है। व्यापारिक संगठन फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा) का कहना है कि उन्होंने मई महीने से ही जलनिकासी व्यवस्था को लेकर संबंधित एजेंसियों और दिल्ली सरकार को आगाह किया था।
दिल्ली में मानसून का जोरदार असर! 7-8°C तक लुढ़का पारा, सदर बाजार बना 'समंदर', दुकानों में घुसा सीवर का पानी
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मानसून की तेज बारिश ने मौसम पूरी तरह बदल दिया है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं दूसरी ओर, भारी बारिश ने शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है।
तापमान में बड़ी गिरावट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार:
- सफदरजंग: अधिकतम 29.2°C (सामान्य से 7.4°C कम), न्यूनतम 24.3°C (सामान्य से 3.6°C कम)
- पालम: अधिकतम 29.6°C, न्यूनतम 22.6°C (अधिकतम सामान्य से 7.8°C और न्यूनतम 5.6°C कम)
- लोदी रोड: अधिकतम 28.0°C, न्यूनतम 24.2°C
- रिज क्षेत्र: अधिकतम 28.5°C, न्यूनतम 21.3°C
- आया नगर: अधिकतम 28.4°C, न्यूनतम 24.8°C
वाराणसी में बारिश से जलभराव

लखनऊ और पूर्वी यूपी में आज भी बारिश के आसार
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को भी दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में भी अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लगातार बारिश और वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
