बहस के बजाय बाढ़-बेरोजगार युवाओं पर ध्यान दें .... वंदे मातरम पर मायावती ने केंद्र और विपक्ष को सुनायी खरी खोटी

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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बसपा प्रमुख मायावती ने वंदे मातरम को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसे मुद्दों के बजाय जनहित और जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने देश में 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर शुक्रवार को कहा कि इस मुद्दे को लेकर इस समय राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ सभी राजनीतिक दलों से जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। 

मायावती ने एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि देश में 'वंदे मातरम' का पूरा गाना गाया जाना है अथवा उसके शुरुआती दो छंद गाए जाने हैं, इसको लेकर जिस तरह की राजनीति हो रही है, वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का स्पष्ट मत है कि वंदे मातरम के गायन को लेकर संसद में जो कानून पारित किया गया है, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। 

बसपा प्रमुख ने कहा कि केंद्र और राज्यों में सत्ता परिवर्तन के दौरान राजनीतिक दल अपने राजनीतिक स्वार्थ और फायदे के लिए अथवा अपनी कमियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए पहले से बने कानूनों में बदलाव करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति के बजाय जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश और जनहित से जुड़े कई गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर केंद्र तथा सभी राज्य सरकारों के साथ राजनीतिक दलों को भी समुचित ध्यान देना चाहिए। मायावती ने विशेष रूप से बेरोजगार युवाओं, 'जेन-जी' और स्कूली बच्चों के मुद्दों का उल्लेख किया। बसपा अध्यक्ष ने देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ से हो रही जान-माल की हानि समेत अन्य महत्वपूर्ण समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में इन मुद्दों पर ध्यान देना ही देश और जनहित में सबसे जरूरी है। 
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