रुद्रपुर में किसानों का हल्लाबोल! कलेक्ट्रेट घेरने पहुंचे किसनों की पुलिस से धक्का-मुक्की, बैरिकेडिंग तोड़ी, हाईवे जाम

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आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन, डीएम कार्यालय के गेट पर भी हंगामा

रुद्रपुर में आठ सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत से जुड़े किसानों ने कलेक्ट्रेट घेराव किया। पुलिस से धक्का-मुक्की के बीच किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और नैनीताल हाईवे जाम कर दिया। किसानों की मांगों में बिजली बिल माफी, कर्ज माफी, गन्ने का मूल्य 700 रुपये प्रति क्विंटल और भूमि अधिकार समेत कई मुद्दे शामिल हैं।

रुद्रपुर, अमृत विचार। उत्तराखंड के रुद्रपुर में आठ सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) से जुड़े किसानों ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट घेराव के लिए पहुंचे किसानों की पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। प्रदर्शनकारियों ने नैनीताल हाईवे जाम कर दिया और कलेक्ट्रेट के बाहर लगी बैरिकेडिंग को तोड़ दिया।

इस दौरान डीएम कार्यालय के मुख्य गेट को भी तोड़ने का प्रयास किया गया। अचानक बढ़े हंगामे के बाद पुलिस-प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। किसानों को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया था। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस और किसानों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही।

आठ सूत्रीय मांगों को लेकर दिया था अल्टीमेटम

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने कुछ दिन पहले जिला प्रशासन को मांगों को लेकर अल्टीमेटम दिया था। किसानों का कहना है कि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। इसी को लेकर संगठन की ओर से तीन दिवसीय धरना और उपवास का ऐलान किया गया था।

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किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

किसानों की प्रमुख मांगों में सभी ट्यूबवेल के बिजली बिल पूरी तरह माफ करना और घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना शामिल है। इसके अलावा किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने की मांग भी की गई है। पहाड़ी जिलों के किसानों को हर महीने 20 हजार रुपये हिल भत्ता देने की मांग की गई है। किसान संगठन का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों के किसान सीमावर्ती इलाकों में देश की सुरक्षा में भी योगदान देते हैं।

बाजपुर और काशीपुर से जुड़े मुद्दे भी उठाए

किसानों ने बाजपुर के 20 गांवों की भूमि पर खाद, लोन और क्रय-विक्रय पर लगी रोक हटाने तथा किसानों को पूर्ण अधिकार देने की मांग की। वहीं काशीपुर की बंद पड़ी चीनी मिल से जुड़े वर्ष 2007 के करीब एक करोड़ रुपये और वर्ष 2011-12 के करीब 25 करोड़ रुपये किसानों को तत्काल दिलाने की मांग उठाई गई। इसके अलावा प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने पर तत्काल रोक लगाने और पहले से लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाने, गन्ने का मूल्य 700 रुपये प्रति क्विंटल करने तथा विभिन्न वर्गों की भूमि का हक काबिज किसानों को देने की मांग भी शामिल है।

कलेक्ट्रेट में पहले से की गई थी कड़ी सुरक्षा

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग की गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शन के दौरान नैनीताल हाईवे जाम होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी किसानों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे।

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