Moradabad Flood News: कोसी और व खो नदी में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से बढ़ा रामगंगा का जलस्तर, तटीय इलाकों में दहशत
उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से मुरादाबाद में रामगंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। रामगंगा खतरे के निशान से महज 62 सेंटीमीटर नीचे है, जबकि खो नदी खतरे के निशान से 0.85 मीटर ऊपर बह रही है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
मुरादाबाद, अमृत विचार। उत्तराखंड के पहाड़ों व हरिद्वार जिले में हो रही मूसलाधार बारिश से नदियां ऊफान पर हैं। इसके चलते उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद सहित कई अन्य जिलों में भी अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से रामगंगा व अन्य स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे नदियों के तटीय इलाकों में रहने वालों की नींद उड़ गई है। हालांकि प्रशासन लगातार नजर रखे हुए है।
कोसी नदी में 9055 और खो नदी में बैराज से 9280 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। जिससे मुरादाबाद जिले में शुक्रवार को रामगंगा नदी का जलस्तर कटघर रेलवे पुल पर 189.98 गेज मीटर चढ़ाव के क्रम में रिकॉर्ड किया गया। जो खतरे के निशान 190.60 गेज मीटर से सिर्फ 62 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। इससे रामगंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बहाव तेज हो गया है।
हालांकि गागन नदी का जलस्तर 189.10 गेज मीटर पर स्थिर है। यह खतरे के निशान से करीब तीन मीटर नीचे बह रही है। वहीं रामगंगा नदी का कालागढ़ में जलस्तर 349.250 गेज मीटर चढ़ाव के क्रम में रिकॉर्ड किया गया। वहीं मुरादाबाद में ढेला नदी जलस्तर 255.544 गेज मीटर चढ़ाव के क्रम में रिकॉर्ड किया गया। जबकि खो नदी का जलस्तर 224.40 गेज मीटर रहा। यह खतरे के निशान से 0.85 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि आज का इसका ट्रेंड उतार का है।
बाढ़ चौकियां अलर्ट, अधिकारी कर रहे निगरानी
जिला प्रशासन का कहना है कि अभी घबराने जैसी कोई बात नहीं है। नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिला आपदा प्राधिकरण प्रबंधन की ओर से सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है। तहसील स्तर के अधिकारी भी भ्रमणशील रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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