Bahraich News : ई-लॉटरी से 350 किसानों की खुली किस्मत! कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान, डीएम ने दी बधाई

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1,619 ऑनलाइन आवेदनों में पारदर्शी तरीके से हुआ चयन

बहराइच में कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत ई-लॉटरी से 350 किसानों का चयन किया गया। एसएमएएम योजना में 205 और इन-सीटू योजना में 145 किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ मिलेगा। किसान ड्रोन, कंबाइन हार्वेस्टर और 30 लाख रुपये के कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए भी लाभार्थी चुने गए।

बहराइच, अमृत विचार। कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र क्रय करने वाले लाभार्थियों का पारदर्शी चयन शुक्रवार को विकास भवन सभागार में ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में यह चयन प्रक्रिया संपन्न हुई।

उप कृषि निदेशक विनय कुमार वर्मा ने बताया कि सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन  योजना के तहत 205 यंत्रों के लक्ष्य के सापेक्ष 1,320 किसानों ने ऑनलाइन बुकिंग की थी, जिनमें से ई-लॉटरी द्वारा 205 किसानों का चयन किया गया। इसी प्रकार 'इन-सीटू' योजना के तहत 145 यंत्रों के लक्ष्य के सापेक्ष 299 बुकिंग के विरुद्ध 145 किसानों को चुना गया। जिन विकास खंडों में लक्ष्य से अधिक आवेदन आए थे, वहां लॉटरी के जरिए ही अंतिम सूची तैयार की गई।

ई-लॉटरी में कैसरगंज की चन्द्रावती सिंह, बलहा के राजाराम वर्मा, महसी के पन्ना लाल, मिहिंपुरवा के राज कुमार वर्मा व परमतन, नवाबगंज के ध्रुप चन्द्र, हुजूरपुर की गुड्डा देवी, बलहा के इन्द्रजीत और फखरपुर के भूपेन्द्र सिंह का चयन 30 लाख की लागत वाले 'कस्टम हायरिंग सेन्टर' के लिए हुआ।

इसके अलावा किसान ड्रोन के लिए मिहिंपुरवा के श्रवण कुमार व चित्तौरा के राना चेतन सिंह, कम्बाइन हार्वेस्टर के लिए रेनू देवी वर्मा व सरिता शुक्ला, तथा फार्म मशीनरी बैंक के लिए मा० चौरी कोटिया एफपीओ का चयन किया गया। रीपर बाइंडर, सुपर सीडर, रोटावेटर और लेजर लैंड लेवलर जैसे अन्य आधुनिक यंत्रों के लिए भी दर्जनों प्रगतिशील किसानों को चुना गया।

डीएम ने दी बधाई, बोले- जल्द खरीदें कृषि यंत्र

जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने चयनित किसानों को बधाई देते हुए निर्देश दिए कि वे अविलंब कृषि यंत्रों की खरीद कर 'दर्शन 1.0' पोर्टल पर बिल अपलोड करें, ताकि सत्यापन के बाद एस.एन.ए. स्पर्श पोर्टल के माध्यम से अनुदान राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा सके।

उप कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया कि यंत्र खरीदने से पूर्व कुल मूल्य की 50 प्रतिशत धनराशि विक्रेता को अपने बैंक खाते से ही ट्रांसफर करें और सत्यापन के समय उसका साक्ष्य संलग्न करें। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव, जिला गन्ना अधिकारी आनंद शुक्ला, जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी, एलडीएम जितेंद्र कुमार मसंद, वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार राजभर और वरिष्ठ भाजपा नेता राजन सिंह सहित कई अधिकारी व किसान उपस्थित रहे।

 

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