Gonda News : काली कमाई पर पुलिस का बड़ा एक्शन, दो मामलों में 6.42 करोड़ की संपत्ति कुर्क
ठगी-गबन से जुटाई संपत्ति पर कसा कानून का शिकंजा
गोंडा, अमृत विचार। अपराध से अर्जित संपत्ति के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग अलग मामलों के आरोपितों की 6.42 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया है। इसमें पांच करोड़ 94 लाख 43 हजार रुपये की संपत्ति बैंक ऋण घोटाले के मामले में तथा 47 लाख 81 हजार 544 रुपये की संपत्ति विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में शामिल है।
जब्त संपत्ति की नियमानुसार नीलामी की कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने बताया कि अपराध से अर्जित संपत्ति के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों में आरोपितों द्वारा संगठित तरीके से आपराधिक गतिविधियों के जरिए संपत्ति अर्जित की गई थी।
बैंक ऋण घोटाले में 5.94 करोड़ की संपत्ति जब्त
कोतवाली नगर में उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा में ऋण वितरण के दौरान गंभीर अनियमितता और धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। बैंक की स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट और जांच कमेटी की संस्तुति में तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल पर बैंक कर्मियों और खाताधारकों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से ऋण स्वीकृत और वितरित करने का आरोप सामने आया। पुलिस के अनुसार बिना पात्रता और जरूरी अभिलेखों के स्वयं, परिवारजनों और गिरोह के सदस्यों को ऋण दिए गए। फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए 205 खाताधारकों के ऋण व बचत खातों तथा पांच आंतरिक खातों से करीब 21.47 करोड़ रुपये की धनराशि का दुरुपयोग/अपहरण किया गया।
इनमें पांच आंतरिक खातों से 46.13 लाख रुपये की अनधिकृत निकासी कर गबन किए जाने की बात भी जांच में सामने आई। मामले में कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल को 18 जनवरी, राघवराम व शिवाकांत वर्मा को 22 फरवरी तथा सहायक शाखा प्रबंधक सुशील कुमार गौतम को 19 मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। न्यायालय में प्रभावी पैरवी के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले में आरोपितों द्वारा अपराध से अर्जित 5 करोड़ 94 लाख 43 हजार रुपये की संपत्ति और वाहन समेत अन्य संपत्ति कुर्क/जब्त करने का आदेश दिया।
रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
दूसरे मामले में कोतवाली नगर क्षेत्र में रूस के मास्को में नौकरी दिलाने और वीजा बनवाने का झांसा देकर ठगी की गई थी। आरोप है कि मुख्य आरोपी विवेक कुमार उर्फ शमशाद और उसके सहयोगियों ने ‘मल्टी इंटरनेशनल इमीग्रेशन काउंसिल/काउंसिलिंग’ नाम से कार्यालय संचालित कर लोगों से नौकरी के नाम पर रकम वसूली।
स्कार्पियो समेत 47.81 लाख जब्त
इस मामले में 26 और 28 फरवरी को अलग-अलग शिकायतें मिलने पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी विवेक कुमार उर्फ शमशाद खान को पांच मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। न्यायालय के आदेश पर इस मामले में 17 लाख रुपये कीमत की काली स्कार्पिय और 30 लाख 81 हजार 544 रुपये नकद/अन्य संपत्ति, यानी कुल 47 लाख 81 हजार 544 रुपये की संपत्ति कुर्क/जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक दोनों मामलों में जब्त संपत्ति की नियमानुसार नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।
