Gonda News : पुरानी पेंशन के लिए शिक्षकों का प्रदर्शन, अटेवा के मार्च से गरमाया माहौल
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। अटेवा के नेतृत्व में शिक्षकों ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए डीएम कार्यालय तक मार्च निकाला और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई।
गोंडा, अमृत विचार। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाली की मांग को लेकर शुक्रवार को अटेवा के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला पंचायत के टिन शेड से सैकड़ों शिक्षक-कर्मचारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय तक विशाल रोष मार्च निकाला।
इस दौरान कर्मचारियों ने एनपीएस और निजीकरण के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना भी दिया।

धरने के बाद प्रदर्शनकारी शिक्षक-कर्मचारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने तथा नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अटेवा जिलाध्यक्ष अमर यादव ने कहा कि एनपीएस और निजीकरण के विरोध में अटेवा के नेतृत्व में देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए पुरानी पेंशन की मांग कर रहे हैं। पुरानी पेंशन से कम किसी व्यवस्था को कर्मचारी स्वीकार नहीं करेंगे।
अटेवा के संगठन प्रभारी गौरव पांडेय ने कहा कि संसद में बैठे जनप्रतिनिधियों को कई-कई पेंशन मिल रही हैं, जबकि देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को पेंशन के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांग पूरी तरह जायज है और सरकार को पुरानी पेंशन योजना बहाल करनी चाहिए।विबीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
वहीं शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक सतीश पाण्डेय और आजाद बेग ने कहा कि सरकार लगातार सरकारी विभागों और संस्थानों के निजीकरण की ओर बढ़ रही है। सरकारी संस्थाओं को निजी कंपनियों के हाथों में सौंपे जाने से युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने निजीकरण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एनपीएस के बजाय उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की गारंटी देने वाली पुरानी पेंशन व्यवस्था चाहिए। इस दौरान संजीव मिश्रा, मुशीर सिद्दीकी, हरि प्रसाद वर्मा, सुधाकर मिश्रा, शान मोहम्मद, रंजीत गौतम समेत सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों व कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
