Sugar Price Hike : रक्षाबंधन पर महंगी हो सकती है मिठाई, चीनी के बढ़ते दामों से आम आदमी परेशान
एक सप्ताह में तेजी से बढ़े चीनी के भाव, कुछ बाजारों में 70 रुपये किलो तक पहुंचने की चर्चा
Sugar Price Hike: रक्षाबंधन से पहले चीनी के दामों में तेजी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। एक सप्ताह में भाव 50-52 रुपये से बढ़कर 65 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। कारोबारियों को आशंका है कि तेजी जारी रही तो मिठाई और चाय भी महंगी हो सकती है।
पिहानी/हरदोई, अमृत विचार। चीनी के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। बीते करीब एक सप्ताह से चीनी के भाव में तेजी का सिलसिला जारी है। करीब 50-52 रुपये किलो से शुरू हुई बढ़ोतरी 55, 60 और 65 रुपये तक पहुंच गई है। कुछ बाजारों में भाव 70 रुपये किलो तक पहुंचने की चर्चा है।
प्रदेश के कई हिस्सों में भी चीनी के बढ़े हुए भाव सामने आ रहे हैं।बाजार में चीनी के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीनी अब लोगों को पहले की अपेक्षा काफी महंगी पड़ रही है। खासकर चाय पीने वालों के लिए बढ़े हुए भाव परेशानी का कारण बन गए हैं। घरों के अलावा चाय की दुकानों, होटल और अन्य खाद्य कारोबार में भी चीनी की लागत बढ़ गई है।
रक्षाबंधन पर मिठाई की बढ़ सकती है कीमत
रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है और ऐसे समय में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। मिठाई बनाने में चीनी प्रमुख सामग्री होने के कारण इसके दाम बढ़ने का असर मिठाई की लागत पर पड़ना स्वाभाविक है। कारोबारियों को आशंका है कि यदि चीनी के भाव इसी तरह बढ़ते रहे तो रक्षाबंधन पर मिठाइयों के दाम भी बढ़ सकते हैं।त्योहारी सीजन में चीनी की मांग बढ़ने से बाजार में कीमतों पर और दबाव आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में त्योहार की खरीदारी करने वाले लोगों को इस बार मिठाई के लिए पहले से अधिक जेब ढीली करनी पड़ सकती है।
चाय भी पड़ सकती है महंगी
चीनी के बढ़ते भाव का असर चाय पर भी पड़ने की संभावना है। चाय की दुकानों पर प्रतिदिन बड़ी मात्रा में चीनी का इस्तेमाल होता है। लगातार लागत बढ़ने से दुकानदारों के सामने भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। यदि चीनी के दामों में तेजी जारी रही तो आने वाले दिनों में चाय के दाम बढ़ाने का दबाव भी बन सकता है।फिलहाल आम उपभोक्ताओं की नजर चीनी के भाव पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि बाजार में कीमतों में जल्द स्थिरता आएगी, ताकि त्योहारों के मौसम में रसोई से लेकर मिठाई और चाय तक बढ़ती महंगाई का असर कम हो सके।
