CM योगी की दो टूक : नेता-अधिकारी का बेटा भी कानून से ऊपर नहीं, अपराध किया तो भुगतना होगा अंजाम

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‘खाकी का सितारा’ गीत के लोकार्पण पर बोले योगी आदित्यनाथ- अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

CM Yogi News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेता या अधिकारी का रिश्तेदार होने से कानून से छूट नहीं मिलती। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और जनता के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है।

खनऊ, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को साफ कहा कि कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति बड़ा नहीं है। चाहे वह किसी नेता का बेटा हो या किसी अधिकारी का रिश्तेदार, अपराध करने पर उसे परिणाम भुगतने ही होंगे।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश पुलिस के गीत ‘खाकी का सितारा’ के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ आम जनता के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी नेता या अधिकारी से संबंध होने का मतलब यह कतई नहीं है कि कोई व्यक्ति कानून को चुनौती देकर बच जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई दुस्साहस करता है तो उसे उसके परिणाम भुगतने होंगे।

अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस, जनता के लिए संवेदनशीलता

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस को अपनी वीरता और आम लोगों के प्रति संवेदनशीलता के बीच बेहतर संतुलन बनाना होगा। पुलिस का काम केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा देना भी है। उन्होंने कहा कि जहां वीरता होती है, वहां संवेदनशीलता भी होनी चाहिए। इसके विपरीत कायरता की स्थिति में लूट, असुरक्षा और अराजकता का माहौल पैदा होता है। मुख्यमंत्री ने आतंकवाद और नक्सलवाद को भी इसी मानसिकता का रूप बताया।

नौ साल से पुलिस को एक ही संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों से प्रदेश पुलिस को लगातार यही निर्देश दिया जा रहा है कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए, लेकिन आम नागरिकों, महिलाओं, बेटियों और युवाओं के प्रति पुलिस का व्यवहार संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक आम व्यक्ति को पुलिस से सुरक्षा और सम्मान का अनुभव होना चाहिए। वहीं अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की नरमी नहीं होनी चाहिए।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे सुरक्षा और सुशासन

योगी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वीरता और संवेदनशीलता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। पुलिस की कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए कि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षा और सुशासन का लाभ पहुंचे। उन्होंने पुलिस के अनुशासन, साहस और संवेदनशीलता को प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत करने का आधार बताया।

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