पान मसाला की पुड़िया बदलेगी! : प्लास्टिक, एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर पर रोक, FSSAI ने बदले पैकेजिंग नियम  

Amrit Vichar Network
Edited By Anuj Sharma
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10 अगस्त से लागू हुए नए नियम, अब कागज, पेपर बोर्ड, सेलूलोज, टिन या कांच से हो सकेगी पैकेजिंग

पान मसाला की चमकदार पुड़िया अब बदल सकती है. FSSAI ने प्लास्टिक, एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए नई पैकेजिंग के नियम लागू किए हैं.

नई दिल्ली, अमृत विचार : पान मसाला की चमकदार पुड़िया अब जल्द बदली हुई नजर आ सकती है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर नए नियम लागू किए हैं. इनके तहत पान मसाला की पैकिंग में प्लास्टिक, एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. FSSAI ने 7 अगस्त 2026 को खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) संशोधन विनियम, 2026 की अधिसूचना जारी की. इसे 10 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया. नियम राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही प्रभावी हो गए हैं.

नए नियमों से क्या बदलेगा?

नए नियमों के बाद पान मसाला की पैकेजिंग में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल करना होगा, जिसमें प्लास्टिक न हो. इसके लिए कागज, पेपर बोर्ड, सेलूलोज और प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाली अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि यह सामग्री पूरी तरह प्लास्टिक से मुक्त होनी चाहिए.पान मसाला को टिन या कांच के कंटेनर में भी पैक किया जा सकता है.

किन चीजों पर लगी रोक?

FSSAI ने पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली कई सामग्रियों को प्रतिबंधित किया है. इनमें पॉलीएथिलीन, पॉलीप्रोपिलीन, पॉलीएस्टर, पॉलीविनाइल क्लोराइड यानी PVC, अन्य सिंथेटिक पॉलिमर , को-पॉलिमर,  प्लास्टिक वाले लैमिनेट, इसके अलावा एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा. यानी पान मसाला की जिस तरह की चमकदार और प्लास्टिक आधारित पुड़िया अभी आम तौर पर दिखती है, उसकी जगह दूसरी पैकेजिंग सामग्री का इस्तेमाल करना होगा.

कंपनियों को क्या करना होगा?

नए नियमों के बाद पान मसाला बनाने वाली कंपनियों को अपनी पैकेजिंग सामग्री में बदलाव करना होगा. उन्हें ऐसी पैकेजिंग अपनानी होगी जो नए खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो और प्लास्टिक के इस्तेमाल से मुक्त हो.इसका मकसद पैकेजिंग से पैदा होने वाले प्लास्टिक कचरे को कम करना है. यह बदलाव केवल पैकेजिंग से जुड़ा है.FSSAI की इस अधिसूचना में पान मसाला की बिक्री या सेवन पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. बदलाव सिर्फ इस बात को लेकर है कि इसे किस तरह की सामग्री में पैक किया जा सकता है.

अचानक नहीं बदले नियम

FSSAI ने इन नियमों में बदलाव की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी थी. 28 अप्रैल 2026 को संशोधन का मसौदा जारी किया गया था. इस पर संबंधित पक्षों और आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे. इसके लिए 60 दिन का समय दिया गया था. प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद अब अंतिम नियम जारी किए गए हैं.खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) संशोधन विनियम, 2026 10 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गए हैं.

प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के नियम भी लागू


नए पैकेजिंग प्रावधानों के साथ प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के संबंधित प्रावधान भी लागू होंगे. ये नियम पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत बनाए गए हैं. इसका मतलब है कि कंपनियों को पान मसाला की नई पैकेजिंग तैयार करते समय खाद्य सुरक्षा नियमों के साथ प्लास्टिक कचरा प्रबंधन से जुड़े नियमों का भी पालन करना होगा.

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