Uttarakhand Cabinet Decisions : धामी कैबिनेट के बड़े फैसले, हाईकोर्ट परिसर, गौपालन, गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी
गौपालन योजना का दायरा बढ़ा, सामान्य वर्ग को भी मिलेगा लाभ
उत्तराखंड कैबिनेट ने हाईकोर्ट परिसर, गौपालन योजना, गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार, मजदूरी नियमावली, खेल विश्वविद्यालय और जीएसटी संशोधन समेत कई अहम फैसलों को मंजूरी दी।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में जनकल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक कल्याण, शिक्षा, न्यायिक आधारभूत ढांचे, खेल, पर्यटन, पेयजल और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी।
हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार करीब 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी।
गौपालन योजना का दायरा बढ़ा, सामान्य वर्ग को भी मिलेगा लाभ
राज्य सेक्टर की गौपालन योजना का विस्तार करते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी इसमें शामिल किया गया है। अब लाभार्थी गाय के साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इससे पहले वर्ष में करीब 2,128 पशुपालकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई मजदूरी नियमावली लागू
कैबिनेट ने मजदूरी संहिता-2019 के तहत उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसमें न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, हर महीने की सात तारीख तक वेतन, डिजिटल भुगतान और समान कार्य के लिए महिला-पुरुष को समान वेतन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
छात्रावासों के लिए नई नियमावली
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली-2026 लागू होगी। इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मेधावी छात्र-छात्राओं को बेहतर आवास, भोजन और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
ईको टूरिज्म और जीएसटी से जुड़े फैसले
ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन किया गया है। इसमें वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा ताकि पर्यावरण संरक्षण, कूड़ा प्रबंधन और स्थानीय समुदायों के बेहतर समन्वय को बढ़ावा मिल सके। इसके अलावा केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप उत्तराखंड जीएसटी अधिनियम-2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का भी फैसला लिया गया।
खेल विश्वविद्यालय और सहकारी नियमों में बदलाव
गौलापार (हल्द्वानी) स्थित उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नियमित पदों और आवश्यक आउटसोर्स पदों को मंजूरी दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली-2004 में संशोधन कर कुष्ठ रोग से जुड़े भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाने का निर्णय भी लिया गया।
गंगा एक्सप्रेसवे हरिद्वार तक बढ़ाने पर सहमति
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
अन्य प्रमुख फैसले
- ग्रामीण पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण के लिए केंद्र सरकार का प्रोटोकॉल लागू होगा।
- उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली-2026 लागू होगी, जिसमें स्केलर पदों के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है।
- औद्योगिक संबंध संहिता-2020 के तहत उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 लागू की जाएगी, जिसमें ट्रेड यूनियनों की मान्यता, विवादों के समयबद्ध समाधान और श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे प्रावधान शामिल हैं।
- दिनेशपुर और शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के प्रतिनिधित्व को लेकर सहायता कोष संचालन समिति में नामांकन का भी निर्णय लिया गया।
सरकार का दावा
राज्य सरकार के अनुसार इन फैसलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, पशुपालकों की आय में वृद्धि, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, शिक्षा और खेल ढांचे का विस्तार, न्यायिक आधारभूत संरचना का विकास, पेयजल प्रबंधन में सुधार तथा औद्योगिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।
