कौन हैं प्रशांत किशोर? बिहार की सबसे चर्चित जीत से बदल दिया बांकीपुर का सियासी इतिहास

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
On

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का रुझान अब केवल एक सीट तक सीमित नहीं रह गया है। मतगणना के 26वें राउंड तक जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर 53,566 वोटों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज कुमार से लगभग 15,864 वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। ऐसे में इस उपचुनाव को देश की राजनीति में बड़े सियासी संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

यह चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि प्रशांत किशोर ने पहली बार अपनी पार्टी के चुनावी अभियान को सीधे भाजपा और बिहार के नेतृत्व के मुद्दे से जोड़ा। यदि यह बढ़त जीत में बदलती है तो इसे बिहार की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जाएगा।

बांकीपुर में BJP का 31 साल पुराना किला ढहा

मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे सामने आ गए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट की हो रही है। यहां जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज कुमार को 18,953 वोटों से हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया।

प्रशांत किशोर को 63,203 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार 44,250 वोट ही हासिल कर सके। यह परिणाम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि बांकीपुर सीट पिछले 31 वर्षों से भाजपा का अभेद्य गढ़ मानी जाती रही है।

सिर्फ विधायक नहीं, नेतृत्व पर जनादेश

रुझानों के बीच प्रशांत किशोर ने कहा कि यह केवल विधायक चुनने का चुनाव नहीं, बल्कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को संदेश देने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि बिहार को ऐसा मुख्यमंत्री मिलना चाहिए, जो शिक्षा, रोजगार और सुशासन को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा, "बांकीपुर की जनता की जीत है। यह चुनाव विधायक बनाने का चुनाव नहीं है। यह भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को संदेश देने का चुनाव है कि किसी अच्छे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाएं। जनता ने आपके 202 विधायक जिताए हैं, किसी अपराधी या गलत चाल-चरित्र वाले व्यक्ति को बिहार का नेतृत्व मत दीजिए।"

रोजगार और पलायन का मुद्दा उठाया

प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में शिक्षा और रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा किए जाने चाहिए ताकि राज्य के युवाओं को दूसरे राज्यों में मजदूरी और नौकरी के लिए पलायन न करना पड़े। उन्होंने कहा, "अच्छे आदमी को मुख्यमंत्री बनाइए ताकि बिहार में भी शिक्षा और रोजगार हो। बिहार के बच्चों को बाहर मजदूरी करने न जाना पड़े। यही संदेश बांकीपुर के लोगों ने दिया है।"

सक्रिय राजनीति में भागीदारी 

2022 में उन्होंने जन सुराज अभियान शुरू किया, जिसे बाद में जन सुराज पार्टी के रूप में संगठित किया गया। उनका मुख्य फोकस बिहार की राजनीति और शासन सुधार पर रहा है। बिहार में हुए चुनाव में ऐतिहासिक जीत के साथ बीजेपी को उनके गढ़ में हराया है। जन सुराज प्रमुख ने अपने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि जिन्होंने उन्हें वोट दिया, उनका धन्यवाद। वहीं जिन्होंने वोट नहीं दिया, उनका विश्वास जीतने के लिए वह आगे भी अधिक मेहनत करेंगे।

 

ये भी पढ़ें : 
By Election Result 2026 : 18953 वोटों से जीतें प्रशांत किशोर, मांजलपुर में बीजेपी की जीत, दतिया में कांग्रेस को बढ़त

संबंधित समाचार