UPI ने फिर रचा इतिहास: जुलाई में 23.66 अरब ट्रांजैक्शन, 29.88 लाख करोड़ का रिकॉर्ड डिजिटल पेमेंट
जून के मुकाबले UPI ट्रांजैक्शन में 4.1% और वैल्यू में 3.3% की बढ़ोतरी; सालाना आधार पर वॉल्यूम 22% और वैल्यू 19% बढ़ी
नई दिल्ली। भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल लगातार तेजी से बढ़ रहा है। जुलाई 2026 में UPI के जरिए 23.66 अरब (23.66 बिलियन) ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल वैल्यू ₹29.88 लाख करोड़ रही। यह UPI के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड है। ये आंकड़े नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से जारी किए गए हैं।
जून के मुकाबले UPI ट्रांजैक्शन में 4.1% उछाल
जुलाई में UPI के इस्तेमाल की रफ्तार जून की तुलना में और तेज हुई। जून 2026 में 22.72 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे, जो जुलाई में बढ़कर 23.66 अरब हो गए। यानी एक महीने में ट्रांजैक्शन की संख्या में 4.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, UPI ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू भी बढ़ी है। जून की तुलना में जुलाई में इसमें 3.3 फीसदी का इजाफा हुआ और यह ₹29.88 लाख करोड़ तक पहुंच गई।
एक साल में 22% बढ़ा UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम
सालाना आधार पर भी UPI की ग्रोथ मजबूत रही है। जुलाई 2025 की तुलना में जुलाई 2026 में UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 22% बढ़ा, जबकि ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू में 19% की वृद्धि दर्ज की गई।
ये आंकड़े बताते हैं कि भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल अब लगातार व्यापक होता जा रहा है और लोग रोजमर्रा के लेनदेन के लिए UPI पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं।
छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ा इस्तेमाल
UPI का इस्तेमाल अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग किराना दुकानों, सब्जी मंडियों, बिल भुगतान, मोबाइल रिचार्ज और दूसरे छोटे-बड़े लेनदेन के लिए डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और QR कोड आधारित भुगतान ने UPI को रोजमर्रा के लेनदेन का आसान माध्यम बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
IMPS में भी बढ़ोतरी, FASTag में मामूली गिरावट
NPCI के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई 2026 में IMPS के जरिए 364 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए। यह आंकड़ा जून के मुकाबले करीब 3 फीसदी अधिक है।
वहीं, FASTag ट्रांजैक्शन में मामूली गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ AePS के जरिए 100 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए, जो पिछले महीने की तुलना में अधिक रहे।
डिजिटल इकोनॉमी को मिल रही मजबूती
UPI की रिकॉर्ड ग्रोथ भारत में डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाती है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक, अलग-अलग वर्ग के लोग अब डिजिटल माध्यमों से भुगतान कर रहे हैं।
UPI की बढ़ती पहुंच से डिजिटल लेनदेन का दायरा लगातार विस्तार कर रहा है और देश की डिजिटल इकोनॉमी को भी मजबूती मिल रही है।
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