Amethi IGRS Ranking 2026 : आईजीआरएस में अमेठी का फिर डंका, प्रदेश के टॉप-10 जिलों में शामिल, मंडल में रहा प्रथम
7,722 शिकायतों का समयबद्ध और शत-प्रतिशत निस्तारण, डीएम संजय चौहान की नियमित मॉनिटरिंग का मिला परिणाम
उत्तर प्रदेश शासन की जुलाई 2026 की आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) रैंकिंग में अमेठी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के शीर्ष-10 जिलों में जगह बनाई है। 7,722 शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर जिले ने मंडल में पहला स्थान हासिल किया है।
अमेठी। जन शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के मामले में अमेठी ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन किया है। उत्तर प्रदेश शासन की जुलाई 2026 की आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) रैंकिंग में अमेठी प्रदेश के टॉप-10 जनपदों में शामिल होने के साथ मंडल में प्रथम स्थान पर रहा। जिले में प्राप्त सभी शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण कर प्रशासन ने सुशासन और जवाबदेही का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
जुलाई में मिलीं 7,722 शिकायतें, सभी का समयबद्ध निस्तारण
जिला सूचना कार्यालय से सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई 2026 के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर कुल 7,722 शिकायतें दर्ज हुईं। ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमित विश्वकर्मा ने बताया कि सभी विभागों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का 100 प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया। शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई, जिसके चलते जनपद को प्रदेश स्तर पर बेहतर रैंकिंग प्राप्त हुई।
डीएम की नियमित समीक्षा से मिली सफलता
अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी संजय चौहान के प्रभावी नेतृत्व और सतत मॉनिटरिंग का ही परिणाम है कि जिले ने यह उपलब्धि हासिल की। जिलाधिकारी स्वयं नियमित रूप से आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हैं और उनके निस्तारण की प्रगति पर लगातार नजर रखते हैं। समीक्षा बैठकों में लंबित और संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं, जिससे शिकायतकर्ताओं को शीघ्र राहत मिल सके।
एडीएम भी कर रहीं विभागवार निगरानी
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह भी नियमित रूप से आईजीआरएस की विभागवार समीक्षा कर रही हैं। वे विभिन्न विभागों में शिकायतों के निस्तारण की प्रगति का मूल्यांकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देती हैं, ताकि शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता और अधिक प्रभावी बनाई जा सके।
सुशासन का बना उदाहरण
जिले के अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए प्रशासन की लगातार निगरानी, जवाबदेही तय करने की व्यवस्था और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के कारण अमेठी ने प्रदेश की आईजीआरएस रैंकिंग में अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी है। यह उपलब्धि शासन की जन शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में जिले की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
