कांवड़ यात्रा के बीच मेरठ में गूंजी किलकारी, हरिद्वार से लौटते वक्त महिला ने बेटे को दिया जन्म

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान एक महिला कांवड़िया ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। प्रसव पीड़ा के बाद महिला को सीएचसी पांचली ले जाया गया, जहां सुरक्षित प्रसव कराया गया।

मेरठ। आस्था की यात्रा के बीच मेरठ में एक सुखद घटना सामने आई। हरिद्वार से कांवड़ लेकर गाजियाबाद लौट रही एक महिला कांवड़िया ने रास्ते में एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद महिला को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पांचली पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने सुरक्षित प्रसव कराया। चिकित्सकों के मुताबिक, मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. विशाल अग्रवाल ने बताया कि महिला की हालत सामान्य है और बच्चे का जन्म सुरक्षित तरीके से हुआ है।

कांवड़ शिविर में अचानक शुरू हुई प्रसव पीड़ा

जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के कुटी कृष्णा कॉलोनी निवासी सोनू अपनी पत्नी मनीषा और चार वर्षीय बेटे विनय के साथ 31 जुलाई को हरिद्वार से कांवड़ लेने गए थे। जल लेकर वापस लौटते समय गुरुवार दोपहर परिवार मेरठ-बागपत बाईपास स्थित एक कांवड़ सेवा शिविर में आराम करने के लिए रुका था। इसी दौरान मनीषा को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। शिविर संचालकों ने तुरंत एंबुलेंस की व्यवस्था कर महिला को पांचली सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने करीब शाम चार बजे सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।

कांवड़ यात्रा में पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चे के जन्म का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मुजफ्फरनगर में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जब हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रही दिल्ली की एक सात माह की गर्भवती महिला ने जिला अस्पताल में जुड़वां बेटों को जन्म दिया था। आस्था की यात्रा के दौरान जन्मे इन बच्चों की खबर ने लोगों का ध्यान खींचा है।

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