Bahraich News : भाकियू ने विकास कार्यों में अनियमितता पर जताई नाराजगी, बीडीओ के नाम सौंपा ज्ञापन
अधूरे विकास कार्य, जलभराव, आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने और घटिया निर्माण की जांच की मांग
Bahraich News: पयागपुर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने अधूरे विकास कार्य, जलभराव, आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने और घटिया निर्माण की जांच की मांग को लेकर बीडीओ के नाम ज्ञापन सौंपा। समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
पयागपुर (बहराइच), अमृत विचार। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) की पयागपुर ब्लॉक इकाई ने शुक्रवार को क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं और विकास कार्यों में कथित लापरवाही को लेकर बीडीओ पयागपुर के नाम संबोधित ज्ञापन एडीओ पंचायत महेंद्र प्रताप सिंह को सौंपा। संगठन ने ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
ब्लॉक अध्यक्ष सुखलाल यादव के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्य अधूरे पड़े हैं और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का समुचित निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
इन समस्याओं के समाधान की उठाई मांग
ज्ञापन में गांवों में खड़ंजा निर्माण, मिट्टी पटाई, जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण, ग्राम सचिवालयों में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की गई। इसके अलावा हरवा गोसाईं गांव में आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने तथा बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषाहार नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया।
घटिया निर्माण की जांच की मांग
भारतीय किसान यूनियन ने ग्राम पंचायत सोहरियावां में अधूरी पड़ी नाली के निर्माण कार्य और कथित घटिया निर्माण की जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही सुखलाल शुक्ला के घर के पास बने अधूरे शौचालय और उससे संबंधित दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की गई।
आंदोलन की दी चेतावनी
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जनसमस्याओं का जल्द और पारदर्शी तरीके से समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान जिला अध्यक्ष प्रमोद तिवारी, संतोष कुमार जायसवाल, गुड्डू मिश्रा, राम सवारी पांडे, राधेश्याम तिवारी समेत संगठन के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
