'मेरा काम अभी पूरा नहीं हुआ...' lifetime achievement award ठुकराने वाले नसीरुद्दीन शाह का बाराबंकी से है खास रिश्ता
बाराबंकी, अमृत विचार। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर चर्चा में हैं। 76 वर्ष की उम्र में उन्होंने साफ कहा है कि वह 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि उनके अनुसार ऐसा सम्मान यह संदेश देता है कि कलाकार का सफर खत्म हो चुका है।

नसीरुद्दीन शाह का कहना है कि उनका काम अभी पूरा नहीं हुआ है और अभिनय छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है। हाल के दिनों में वह छात्रों के प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार की आलोचना करने को लेकर भी सुर्खियों में रहे।
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बहुत कम लोग जानते हैं कि हिंदी सिनेमा के इस दिग्गज अभिनेता का बाराबंकी से गहरा नाता है। नसीरुद्दीन शाह का जन्म 20 जुलाई 1950 को बाराबंकी के जहांगीराबाद स्थित तत्कालीन राजा की कोठी में हुआ था।
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उस समय उनके पिता इमामुद्दीन शाह, जो सेना में अधिकारी थे, अपने परिवार के साथ वहीं रहते थे। बचपन के शुरुआती कुछ साल इसी कोठी में बीते, लेकिन पिता के तबादले के बाद परिवार वहां से चला गया।
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करीब छह दशक बाद जब नसीरुद्दीन शाह अपनी जन्मस्थली की तलाश में बाराबंकी पहुंचे तो कभी आलीशान रही वह कोठी खंडहर में तब्दील हो चुकी थी। फिर भी वह वहां पहुंचकर भावुक हो गए। उन्होंने कोठी के एक कमरे की ओर इशारा करते हुए कहा था, "शायद मेरा जन्म इसी कमरे में हुआ था," और वहीं खड़े होकर तस्वीर भी खिंचवाई।
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कोठी के वर्तमान मालिक मोहम्मद युनुस ने बताया था कि पहले उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ था कि नसीरुद्दीन शाह उनकी कोठी देखने आएंगे। लेकिन जब अभिनेता अचानक वहां पहुंचे तो वह पल उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था। नसीरुद्दीन शाह के आगमन के बाद यह ऐतिहासिक इमारत भी लोगों के बीच नई पहचान हासिल कर गई। आज जब नसीरुद्दीन शाह अपने बेबाक बयानों और अभिनय को लेकर फिर चर्चा में हैं, तब बाराबंकी भी गर्व से उस रिश्ते को याद कर रहा है, जहां से हिंदी सिनेमा के इस महान अभिनेता ने अपनी जिंदगी की पहली शुरुआत की थी।
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