Bahraich News: स्कूल-कॉलेजों में बेटियों को बताए जाएंगे बाल विवाह और दहेज के नुकसान, जिले स्तर पर सहयोग की अपील
बहराइच में बेटियों को सशक्त बनाने की पहल
बहराइच में बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की पहल। संस्था ने डीएम अक्षय त्रिपाठी से मिलकर प्रशासनिक सहयोग की मांग की
बहराइच। बाल विवाह और दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अब बहराइच में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सामाजिक संस्था सद्भावना ने इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन से सहयोग मांगा है। संस्था के संस्थापक योगेंद्रमणि त्रिपाठी ने 14 ब्लॉक अध्यक्षों के साथ जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी से मुलाकात कर अभियान को लेकर ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी ने संस्था की पहल को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सहयोग और कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
कॉलेजों में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

सद्भावना संस्था की ओर से दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि जिले में आज भी बाल विवाह और दहेज प्रथा बेटियों के भविष्य के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। इन कुरीतियों को खत्म करने के उद्देश्य से संस्था जिले के सभी डिग्री कॉलेजों और इंटर कॉलेजों में "जागरूकता एवं संकल्प अभियान" चलाने की तैयारी कर रही है। इस अभियान के तहत छात्र-छात्राओं को बाल विवाह और दहेज प्रथा के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी और उन्हें इन कुरीतियों के खिलाफ संकल्प दिलाया जाएगा।
प्रशासन से मांगा सहयोग
.jpg)
संस्था ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया जाए, ताकि सभी कॉलेजों के प्राचार्य इस अभियान में सहयोग करें। साथ ही जिला प्रोबेशन अधिकारी को भी अभियान से जोड़ने का अनुरोध किया गया है, जिससे निर्धारित कार्यक्रमों में विभागीय सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
सामाजिक बदलाव की पहल
सद्भावना संस्था का कहना है कि प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही बाल विवाह और दहेज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त किया जा सकता है। संस्था को उम्मीद है कि यह अभियान बहराइच में नई सामाजिक चेतना पैदा करेगा और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के संकल्प को मजबूती देगा। इस दौरान हनुमान प्रसाद, राघवेंद्र पाठक, अजय वर्मा, वीरेंद्र सिंह, रमेश पांडेय, राम भजन त्रिवेदी, रामदीन गौतम, हंसराम आजाद और आनंद सिंह रैकवार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
