तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा, बोले- ‘राजनीतिक साजिश का शिकार हूं’, सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
On

2013 के यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने सुनाई सजा, तेजपाल पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया; पूर्व तहलका संपादक ने फैसले को बताया निराशाजनक

पणजी: 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने तहलका मैगजीन के संस्थापक तरुण तेजपाल को 10 साल जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फैसले के बाद तेजपाल ने इसे निराशाजनक बताते हुए कहा कि वह खुद को निर्दोष मानते हैं और इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।

गोवा पुलिस की जांच अधिकारी सुनीता सावंत के मुताबिक, तेजपाल को आत्मसमर्पण करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।

सजा के बाद क्या बोले तरुण तेजपाल?

अदालत के फैसले के बाद तरुण तेजपाल ने कहा कि वह इस निर्णय से बेहद निराश हैं। उनका दावा है कि मामले में उपलब्ध सबूतों पर उचित तरीके से विचार नहीं किया गया।

तेजपाल ने कहा कि उन्हें पूरी तरह निर्दोष साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने मामले को राजनीतिक साजिश और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि वह फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

‘ट्रायल कोर्ट में 7.5 साल केस लड़ा और बरी हुए’

इससे पहले भी फैसले के बाद तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक बदले की भावना और तहलका के काम की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया।

तेजपाल के मुताबिक, उन्होंने ट्रायल कोर्ट में करीब साढ़े सात साल तक मामले का सामना किया और वहां उन्हें बरी कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि पिछले 13 वर्षों से उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आगे ऐसे न्यायाधीश होंगे जो मामले के तथ्यों और साक्ष्यों को देखेंगे।

गोवा के मुख्यमंत्री ने बताया ‘न्याय की जीत’

तरुण तेजपाल को सजा सुनाए जाने के बाद गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच के फैसले को न्याय की जीत बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना गोवा में हुई थी, इसलिए मामले पर नजर रखना गोवा पुलिस और राज्य सरकार की जिम्मेदारी थी। उनके मुताबिक, सरकार ने मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाया और अब अदालत का फैसला सामने आया है।

क्या है 2013 का मामला?

यह मामला वर्ष 2013 का है और तहलका से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित है। मामले की जांच गोवा पुलिस ने की थी और लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चलने के बाद अब बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई है।

फैसले के बाद तेजपाल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में इस मामले की कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।

यह भी पढ़ेंः अतीक अहमद के कुनबे में अब कौन-कौन? पांच बेटों में दो की मौत, पत्नी शाइस्ता परवीन अब भी फरार

संबंधित समाचार