उर्से रजवी : दरगाह आला हजरत से खानकाही एकता पर जोर, जामियातुर्रजा में उलमा के मंच पर नहीं होगी कोई सियासी बात
दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन ने मथुरापुर में होने वाले तकरीरी प्रोग्राम में राजनीतिक बातचीत पर लगाई रोक
दुनिया में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग हैं। लेकिन कुछ शख्सियतें ऐसी हैं-जो इतिहास रचती हैं। आला हजरत ने हर क्षेत्र में गहन अध्ययन हासिल किया। कुरान पर अमल किया। छोटी सी जिंदगी में बड़ी कमाई हासिल कर ली। यह सब इश्के रसूल की बुनियाद पर हासिल हुआ।
अमृत विचार : आला हजरत, इमाम अहमद रजा खान का तीन रोजा उर्से रजवी आज परचम कुशाई के साथ शुरू हो जाएगा। इस्लामिया मैदान से लेकर दरगाह परिसर तक तैयारियां पूरी हो गई हैं। मथुरापुर के मदरसा जामियातुर्रजा में भी मंच सज गया है। उर्से रजवी के मौके पर आला हजरत दरगाह के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) ने जायरीन के नाम एक संदेश जारी किया है। इसमें इस्लाम और आला हजरत का पैगाम आम करने की अपील की है। युवाओं को सलाह दी है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल बड़ी सावधानी के साथ करें। बुराईयों से बचें और नेक राह पर चलें।
दरगाह के बुजुर्गों ने अपने संदेश में कहा कि दुनिया में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग हैं। लेकिन कुछ शख्सियतें ऐसी हैं-जो इतिहास रचती हैं। आला हजरत ने हर क्षेत्र में गहन अध्ययन हासिल किया। कुरान पर अमल किया। छोटी सी जिंदगी में बड़ी कमाई हासिल कर ली। यह सब इश्के रसूल की बुनियाद पर हासिल हुआ। उन्होंने इल्म और दीनी सलाहियतों से जहनी इंकलाब पैदा किया। खानकाही इत्तेहाद (एकता) पर जोर देते हुए कहा कि हर सिलसिले के बुजुर्ग हमें मिल-जुलकर रहने की सीख देते हैं। सामाजिक बुराईयों से दूर रहकर अपने वतन और मजहबद के प्रति वफदार बने रहें। इंसानियत की सेवा करते रहें। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने कहा कि हजरत ने उर्से रजवी में आने वाले सभी जायरीन का इस्तकबाल किया है।
मंच से कोई सियासी तकरीर नहीं
दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन मुफ्ती अजसद रजा कादरी (असजद मियां) ने मदरसा जामियातुर्रजा में उर्से रजवी के मंच से किसी भी तरह की सियासी तकरीर पर रोक लगा दी है। जमात रजा-ए-मुस्तफा के महासचिव फरमान हसन खान ने सज्जादानशीन के हवाले से कहा कि उलेमा के लिए विषय तय किए गए हैं। धार्मिक, सामाजिक और नैतिक संदेशों से जुड़े विषयों पर तकरीर होंगी। समाज की बेहतरी को लेकर उलमा अपने विचार रखेंगे।
सनद रहे कि जामियातुर्रजा में हर साल उलमा का मंच सजता है। जिसमें देश-दुनिया के उलमा-ए-कराम तकरीर करते हैं। सामाजिक, आर्थिक, दीनी मुद्दों के साथ वर्तमान परिस्थितियों पर भी विचार रखते हैं।
जमात के महासचिव फरमान हसन खान के मुताबिक, उलमा और सज्जादागान की ओर से न सिर्फ मुस्लिम मसाइल को उठाया जाएगा बल्कि जारी होने वाले एजेंडे में मुसलमानों की सुरक्षा, शिक्षा, तीन तलाक, मस्जिदों और दरगाहों की हिफाजत, शरीयत में दखल अंदाजगी, सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल, गुस्ताख-ए-रसूल से ताल्लुकात रखना जैसे मुददे को भी मजबूती से उठाया जाएगा। जमात रजा-ए-मुस्तफा के प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि मथुरापुर में उर्स की तैयारियां पूरी हो गई हैं। जायरीन की आमद भी शुरू हो चुकी है।
