लखनऊ में बिजली व्यवस्था की बदलेगी तस्वीर, 2500 करोड़ रुपये खर्च करेगा मध्यांचल निगम; 2031 तक कटौती मुक्त आपूर्ति का लक्ष्य

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Edited By Muskan Dixit
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अमौसी जोन को मिलेंगे 800 करोड़, सेंट्रल और गोमतीनगर को 600-600 करोड़, जानकीपुरम में 500 करोड़ से सुधार; SCADA ऑटोमेशन से ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या होगी कम

लखनऊ, अमृत विचार: लखनऊ की बिजली आपूर्ति को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके लिए 2500 करोड़ खर्च करने की तैयारी है। जोनवार इसका प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है। वर्ष 2031 तक लखनऊ को कटौती मुक्त कर निर्बाध आपूर्ति देने की योजना है। शहर के बिजली ढांचे को नोएडा मॉडल की तरह किया जाएगा। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ जर्जर तार और अंडरग्राउंड केबल तक दुरुस्त किए जाएंगे।

मध्यांचल निगम के एमडी संदीप भागिया ने बताया कि पावर कट, ट्रिपिंग और बार- बार ट्रांसफार्मर फुंकने जैसी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए प्लान तैयार किया गया है। शहर के अलग-अलग इलाकों की जरूरतों और लोड के हिसाब से बजट दिया जाएगा। अमौसी जोन को सर्वाधिक 800 करोड़ रुपये मिलेंगी, जबकि सेंट्रल और गोमतीनगर जोन को 600-600 करोड़, जानकीपुरम जोन के लिए 500 करोड़ के बजट का निर्धारित करने की तैयारी है। मध्यांचल एमडी के अनुसार वर्ष 2031 तक लखनऊ को 24 घंटे निर्बाध और कटौती मुक्त बनाने के मकसद से मुख्य अभियंताओं के साथ इस प्रस्ताव पर गहन विचार विमर्श किया जा चुका है।अंतिम स्वीकृति और बजट आवंटन के लिए प्रस्ताव को जल्द ही यूपीपीसीएल भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही जमीनी स्तर पर काम को शुरु करा दिया जाएगा।

स्काडा आधारित हाईटेक होगा कंट्रोल रूम

इस पूरे कायाकल्प का सबसे प्रमुख बिंदु पावर ट्रांसमिशन का स्काडा ऑटोमेशन सिस्टम होगा। इस स्मार्ट तकनीक के लागू होने से यदि किसी इलाके में फॉल्ट होता है या अचानक ओवरलोड बढ़ता है, तो बिना किसी कर्मचारियों के दखल के सिस्टम तुरंत दूसरे वैकल्पिक स्रोत पर लोड शिफ्ट कर देगा। इसके साथ ही कहीं कोई ट्रांसफार्मर खराब होता है, तो ऑटोमेशन तकनीक पलक झपकते ही सप्लाई को चालू ट्रांसफार्मर से जोड़ देगी, जिससे उपभोक्ताओं को घंटों अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा।

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