5100 रुपए में बेटियों ने ऑनलाइन ही करा दिया पिता का अंतिम संस्कार, वृद्धाश्रम के कर्मचारियों ने दी मुखाग्नि
सोनीपत के वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग कपड़ा व्यापारी शिवचरण रतन गुप्ता की मौत; बेटियों ने वीडियो कॉल पर देखी अंतिम यात्रा, एक बेटी ने भेजे 5,100 रुपये
डिजिटल डेस्कः जैसे-जैसे जमाना डिजिटल होता जा रहा है और चीजें ऑनलाइन की तरफ शिफ्त हो रही है। वैसे ही लोगों का काम, रहन-सहन तक बदल रहा है, लेकिन क्या अब अंतिम संस्कार भी डिजिटल हो गया है। जी हां ऐसा हम इस लिए कह रहे हैं क्योंकि सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जो कई सारे सवाल खड़े कर रहा है। हरियाणा के सोनीपत से रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग कपड़ा व्यापारी शिवचरण रतन गुप्ता के निधन के बाद उनकी तीनों बेटियां अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचीं। इसके बाद वृद्धाश्रम के कर्मचारियों ने ही उनकी अंतिम क्रिया पूरी की। बेटियों ने वीडियो कॉल के जरिए पिता की अंतिम यात्रा देखी।
महाराष्ट्र के रहने वाले शिवचरण रतन गुप्ता कभी कपड़े के बड़े व्यापारी थे। करीब डेढ़ साल पहले वह अपनी पत्नी मीना गुप्ता के साथ सोनीपत के एक वृद्धाश्रम में रहने आए थे। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था। शिवचरण गुप्ता का कोई बेटा नहीं था। उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को पढ़ाया-लिखाया और आत्मनिर्भर बनाया था। इनमें से दो बेटियां अध्यापिका हैं।
बीमारी की जानकारी के बाद भी मिलने नहीं पहुंचीं बेटियां
वृद्धाश्रम के संचालक आनंद कुमार के मुताबिक, शिवचरण गुप्ता पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। करीब 20 दिन पहले उनकी बेटियों अनिता, निशा और प्रिया को पिता की तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई थी। संचालक का कहना है कि इसके बावजूद कोई बेटी उनसे मिलने नहीं पहुंची।
आनंद कुमार के अनुसार, शिवचरण गुप्ता अपनी बेटियों से बातचीत के लिए मोबाइल फोन अपने पास रखते थे। हालांकि बीमारी बढ़ने के बाद बेटियों की ओर से फोन आना भी बंद हो गया था।
निधन के बाद भी बेटियों को दी गई सूचना
संचालक ने बताया कि शिवचरण गुप्ता के निधन के बाद तीनों बेटियों को इसकी जानकारी दी गई। उनसे कहा गया कि यदि वे सोनीपत आ रही हैं तो अंतिम संस्कार को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।
बताया गया कि बेटियों ने समय नहीं होने की बात कहते हुए आने में असमर्थता जताई। इसके बाद वृद्धाश्रम के कर्मचारियों ने ही उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था की।
नेपाल, आजमगढ़ और मुंबई में रहती हैं तीनों बेटियां
शिवचरण गुप्ता की बड़ी बेटी अनिता नेपाल में अध्यापिका हैं। दूसरी बेटी निशा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में रहती हैं, जबकि सबसे छोटी बेटी प्रिया मुंबई में रहती हैं।
तीनों बेटियां पिता के अंतिम संस्कार में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुईं। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए अंतिम यात्रा देखी।
वृद्धाश्रम संचालक के मुताबिक, बड़ी बेटी ने ऑनलाइन 5,100 रुपये भेजकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने को कहा।
पहले अस्थियां सुरक्षित रखने को कहा, फिर गंगा में प्रवाहित करने की बात
संचालक आनंद कुमार के अनुसार, शुरुआत में बेटियों ने पिता की अस्थियां सुरक्षित रखने की बात कही थी। बाद में उन्होंने कहा कि उनके पास समय नहीं है और वृद्धाश्रम ही अस्थियों को गंगा में प्रवाहित कर दे।
इतना ही नहीं, बेटियों की ओर से अंतिम संस्कार की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भेजने का अनुरोध भी किया गया।
घटना के बाद वृद्धाश्रम के कर्मचारियों ने ही शिवचरण रतन गुप्ता के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई। मामले ने बुजुर्गों की देखभाल और बदलते पारिवारिक रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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