बरेली में डीएम का बड़ा एक्शन : जनसुनवाई में लापरवाही पर 9 अफसरों का वेतन रोका, 26 से जवाब तलब
जनसुनवाई पोर्टल की शिकायतों में लापरवाही पड़ी भारी, 26 अफसरों से जवाब तलब
जनसुनवाई की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर बरेली के डीएम अविनाश सिंह सख्त नजर आ रहे हैं। शून्य फीडबैक वाले 9 अफसरों का वेतन रोकने के साथ ही 26 अन्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बरेली, अमृत विचार। जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतना अधिकारियों को भारी पड़ रहा है। शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं। बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में लापरवाही सामने आने पर डीएम ने 9 अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया है, जबकि 26 अन्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरा रवैया
विगत माह भी समीक्षा के दौरान शून्य फीडबैक वाले 13 अधिकारियों का वेतन रोका गया था। उम्मीद थी कि इस प्रशासनिक चाबुक के बाद व्यवस्था में सुधार होगा। लेकिन, बुधवार को जब डीएम ने जुलाई माह में जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की, तो लापरवाही बरकरार मिली। 9 अधिकारियों का शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का प्रतिशत शून्य (Zero) पाया गया। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इन सभी का वेतन रोक दिया है।
कार्रवाई की जद में आए ये 9 अधिकारी (इनका रुका वेतन)
शून्य फीडबैक वाले जिन अधिकारियों का वेतन रोका गया है, उनमें शामिल हैं:
अधिशासी अभियंता ग्रामीण प्रथम (विद्युत)
चकबंदी अधिकारी, फरीदपुर
औषधि निरीक्षक
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
खंड शिक्षा अधिकारी, आलमपुर जाफराबाद
नगर स्वास्थ्य अधिकारी
प्रधानाचार्य (प्राविधिक शिक्षा)
सीडीपीओ, रामनगर
सब रजिस्ट्रार, मीरगंज
26 अधिकारियों को नोटिस: 25 से 60% रहा संतुष्टि प्रतिशत
समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि 26 अधिकारी ऐसे हैं, जिनका संतुष्टि प्रतिशत महज 25 से 60 प्रतिशत के बीच है। डीएम ने इसे अपेक्षित स्तर से काफी कम माना है। इन अधिकारियों से कार्य निष्पादन, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होने और कम फीडबैक प्रतिशत के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इनसे मांगा गया स्पष्टीकरण:
नोटिस पाने वालों में नवाबगंज, आंवला, बहेड़ी और मीरगंज के तहसीलदार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, नवाबगंज, रामनगर व बिथरी चैनपुर के एडीओ पंचायत, सिंचाई व नगरीय तृतीय के अधिशासी अभियंता, उप निदेशक कृषि, बीडीओ आलमपुर जाफराबाद व भुता, जिला आबकारी अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, पीओ नेडा समेत कई अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हैं।
डीएम की दो टूक: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनशिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या खराब प्रदर्शन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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