Bareilly News : BDA उपाध्यक्ष का रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली में निरीक्षण, ठेकेदारों को दी ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी
बरेली विकास प्राधिकरण सख्त, खराब काम पर नपेंगे ठेकेदार, 2 साल तक उठानी होगी जिम्मेदारी
BDA उपाध्यक्ष ने रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली में सड़कों, सीवर और ड्रेनेज सिस्टम का जायजा लिया। ठेकेदारों को 2 साल की 'डिफेक्ट लाइबिलिटी' याद दिलाते हुए लापरवाही पर सख्त कार्रवाई और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है।
बरेली, अमृत विचार। बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ने प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली आवासीय योजनाओं का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। गुणवत्ता से समझौता करने वालों को सख्त हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इन सुविधाओं का किया गया गहन परीक्षण
निरीक्षण के दौरान योजनाओं में मौजूद बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता परखी गई। इनमें मुख्य रूप से शामिल रहे: सड़कें, नालियां, सीवर और ड्रेनेज सिस्टम। पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट और 33 केवी विद्युत उपकेंद्र। पार्क, सार्वजनिक भवन, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, लाइब्रेरी और कन्वेंशन हॉल। उपाध्यक्ष ने कहा कि जहां भी तकनीकी खामियां या रखरखाव की कमी पाई गई है, वहां के संबंधित अधिकारी तत्काल और समयबद्ध तरीके से सुधारात्मक कदम उठाएं।
2 साल की डिफेक्ट लाइबिलिटी: अपने खर्च पर सुधारें कमियां
उपाध्यक्ष महोदया ने ठेकेदारों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि प्राधिकरण द्वारा कराए गए सभी निर्माण कार्य 2 वर्ष की 'डिफेक्ट लाइबिलिटी' अवधि के दायरे में आते हैं। अगर इस अवधि में किसी भी प्रकार का धंसाव, टूट-फूट, दरार, रिसाव या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो ठेकेदार को अपने खर्च पर इसे तुरंत ठीक कराना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सुधार कार्य में विलंब या लापरवाही हुई, तो ठेकेदार के खिलाफ नोटिस जारी कर सुरक्षा निधि जब्त करने, आर्थिक दंड लगाने, ब्लैकलिस्ट करने और अनुबंध खत्म करने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भटकना नहीं पड़ेगा: चौराहों पर लगेंगे दिशा-सूचक बोर्ड
योजनाओं में रहने वाले आवंटियों और वहां आने वाले लोगों (आगंतुकों) की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया गया। रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली के विभिन्न सेक्टरों, प्रमुख मार्गों और चौराहों पर जल्द ही दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे लोगों को अपने प्लॉट, सेक्टर और रास्तों की पहचान करने में आसानी होगी और आवागमन सुगम व सुरक्षित बनेगा।
उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बीडीए का लक्ष्य सिर्फ उच्च गुणवत्ता वाले विकास कार्य कराना ही नहीं है, बल्कि आवंटियों और नागरिकों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और बेहतरीन आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराना भी है।
