Monsoon Health Alert: बच्चों में मौसमी बीमारियों और इन्फेक्शन का खतरा, डॉक्टरों की सलाह; ऐसे रखे ध्यान, भूलकर भी न दें ये चीजें

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Edited By Anjali Singh
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बारिश में बच्चों में बढ़ा संक्रमण का खतरा, डायरिया-वायरल के मरीज 20% बढ़े; जानें बचाव के उपाय

लखनऊ। मानसून के मौसम में बच्चों में मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बारिश के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में डायरिया, वायरल इंफेक्शन, त्वचा संक्रमण, फोड़ा-फुंसी और अन्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत तक इजाफा दर्ज किया गया है। बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में दूषित पानी, संक्रमित भोजन और नमी के कारण बच्चों में संक्रमण तेजी से फैलता है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे इन बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।

डायरिया और वायरल संक्रमण के मामले बढ़े

वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान ने बताया कि बरसात में दूषित पानी और खराब खानपान के कारण डायरिया के मामले बढ़ जाते हैं। इसके साथ ही लगातार नमी रहने से त्वचा संबंधी संक्रमण, फोड़ा-फुंसी और वायरल बीमारियां भी बच्चों को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को केवल उबला या सुरक्षित पानी ही पिलाएं। ताजा और गर्म भोजन दें तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचाएं।

डिहाइड्रेशन से बढ़ सकता है खतरा

डॉक्टरों का कहना है कि डायरिया में शरीर से पानी और जरूरी तत्व तेजी से बाहर निकलते हैं, जिससे बच्चों में डिहाइड्रेशन की स्थिति गंभीर हो सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर परेशानी बढ़ सकती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष शुक्ला ने बताया कि यदि बच्चे को बार-बार दस्त, लगातार उल्टी, तेज बुखार, शरीर पर तेजी से फैलते दाने, फोड़ा-फुंसी में पस, सुस्ती या पेशाब कम आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि डायरिया की स्थिति में बच्चों को ओआरएस का घोल और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देना जरूरी है। बिना चिकित्सकीय सलाह के बच्चों को कोई दवा नहीं देनी चाहिए।

बारिश में बच्चों को संक्रमण से बचाने के उपाय

बच्चों को केवल साफ या उबला हुआ पानी पिलाएं।

खुले और बासी खाद्य पदार्थों से परहेज करें।

भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ जरूर धुलवाएं।

बारिश में भीगने के बाद बच्चों के कपड़े तुरंत बदलें।

दस्त, तेज बुखार या त्वचा संक्रमण के लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह लें।

चिकित्सकों का कहना है कि बरसात के मौसम में थोड़ी सावधानी बरतकर बच्चों को कई गंभीर संक्रमणों से बचाया जा सकता है। साफ-सफाई, सुरक्षित खानपान और समय पर इलाज ही बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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