Sawan 2026: यूपी से बिहार तक गुंजा 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम', पहले दिन शिवालयों में भारी भीड़; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
लखनऊ से बिहार तक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए लगी लंबी कतारें
सावन के पहले दिन लखनऊ, बिहार समेत कई राज्यों के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं मनकामेश्वर समेत प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए लगी लंबी कतारें, कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम
लखनऊ/पटना। सावन माह की शुरुआत गुरुवार से हो गई। पहले ही दिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर बिहार तक शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह तड़के से ही भक्त भगवान शिव के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे।
मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से गूंज उठे। लखनऊ के मनकामेश्वर, बुद्धेश्वर, कोनेश्वर, सिद्धनाथ और चंद्रिका देवी मंदिर परिसर स्थित शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
महापौर ने किया भगवान शिव का पूजन
लखनऊ की महापौर सुषमा खड़कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने भी चौक स्थित कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
मंदिरों में सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम
सावन में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख शिवालयों में बैरिकेडिंग, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें, पेयजल, चिकित्सा सहायता केंद्र और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। साथ ही रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
बिहार में भी गूंजा 'बोल बम'
बिहार में भी सावन की शुरुआत पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ हुई। राज्यभर के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने गंगाजल, दूध, दही, शहद, पंचामृत, बेलपत्र, चंदन और धतूरा अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। मंदिरों में शिव चालीसा, रुद्राष्टक, पंचाक्षर स्तोत्र, महामृत्युंजय मंत्र और शिव गायत्री मंत्र का जाप किया गया। घरों और मंदिरों में 'ॐ नमः शिवाय', 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।
3 अगस्त को पहला सावन सोमवार
इस वर्ष सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। इसे लेकर प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, कई सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर भी लगाए हैं।
पूजा सामग्री के बाजारों में बढ़ी रौनक
सावन की शुरुआत के साथ ही लखनऊ सहित कई शहरों के बाजारों में पूजा सामग्री की खरीदारी बढ़ गई है। फूल, बेलपत्र, रुद्राक्ष, धतूरा, भांग और पूजन सामग्री की दुकानों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही पूरे उत्तर भारत में शिवभक्ति का रंग नजर आने लगा है और मंदिरों में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है।
प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर में उमड़ी भारी भीड़
सावन के पहले दिन प्रयागराज के प्राचीन श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर में भी तड़के से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के महंत श्रीधरानंद जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का विशेष पूजन, रुद्राभिषेक और श्रृंगार किया। इसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। धार्मिक मान्यता है कि यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर में सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सावन भर यहां विशेष रुद्राभिषेक, शिव आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा।
गर्भगृह में लागू हुआ ड्रेस कोड
मंदिर प्रशासन ने इस बार सावन के दौरान गर्भगृह में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं के लिए पारंपरिक भारतीय वेशभूषा अनिवार्य की है। पुरुषों से धोती या पारंपरिक वस्त्र तथा महिलाओं से साड़ी या सलवार-सूट पहनने का अनुरोध किया गया है। वहीं, जींस, टी-शर्ट और अन्य भड़काऊ परिधानों में गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्लास्टिक के पात्रों में जल या दूध लाने पर भी रोक लगाई गई है।
सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर खास ध्यान
सावन में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए लखनऊ और प्रयागराज में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसरों में बैरिकेडिंग, अलग-अलग कतारें, पेयजल, चिकित्सा सहायता केंद्र और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रमुख मार्गों पर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत किया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
3 अगस्त को पहला सावन सोमवार
इस वर्ष सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। इसे लेकर मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उम्मीद है कि उस दिन शिवालयों में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक रहेगी। सावन की शुरुआत के साथ ही पूरे प्रदेश में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। मंदिरों, कांवड़ मार्गों और पूजा सामग्री के बाजारों में श्रद्धालुओं की रौनक बढ़ गई है।
