'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तय करे सरकार, तभी बातचीत का मतलब', CJP ने तीसरे दौर की वार्ता से पहले बढ़ाया दबाव

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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सीजेपी ने कहा कि मुआवजे और कानूनी मामलों पर सरकार का रुख सकारात्मक रहा है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। पार्टी का कहना है कि इस्तीफे के बिना सरकार के साथ आगे की बैठक का कोई औचित्य नहीं है।

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग एक बार फिर दोहराते हुए कहा है कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार स्पष्ट फैसला नहीं करती, तब तक उसके साथ बैठक का कोई अर्थ नहीं है।

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने शनिवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार के साथ हुई पिछली बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी और सैद्धांतिक सहमति भी बनी। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया।

'लिखित समझौते की उम्मीद, लेकिन मुख्य मांग अभी अधूरी'

आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि सरकार की ओर से मुआवजे और कानूनी मामलों को लेकर लिखित समझौता भी मिलेगा, लेकिन आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यधारा के मीडिया में सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आई कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। यदि सरकार का यही अंतिम रुख है तो उसे स्पष्ट रूप से बता देना चाहिए, क्योंकि ऐसी स्थिति में आगे की बैठकों का कोई औचित्य नहीं रहेगा।

'सरकार का रुख नहीं बदला तो अपनाएंगे कड़ा रास्ता'

रांका ने कहा कि यदि सरकार का रवैया इसी तरह बना रहा तो संगठन को आगे की रणनीति पर काम करना होगा और आंदोलन को लेकर अधिक सख्त रुख अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बातचीत तभी सार्थक होगी, जब मुख्य मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।

NTA अधिकारियों को हटाने पर भी उठाए सवाल

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को हटाए जाने के मुद्दे पर सीजेपी ने कहा कि इस फैसले के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।

रांका ने कहा कि संगठन की नजर में अंतिम जवाबदेही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की है। उनका कहना था कि कथित पेपर लीक और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े घटनाक्रमों के बाद छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा।

सरकार को सौंपा मांगों का चार्टर

सीजेपी के अनुसार, सरकार के साथ हुई पिछली बैठक में संगठन ने अपनी विभिन्न मांगों का विस्तृत चार्टर भी सौंपा है। रांका ने कहा कि संगठन केवल इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी सरकार के साथ चर्चा कर रहा है।

आज तीसरे दौर की वार्ता

सीजेपी और केंद्र सरकार के बीच शनिवार को तीसरे दौर की बातचीत प्रस्तावित है। इससे पहले शुक्रवार को हुई बैठक में सीजेपी की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल हुए थे, जबकि केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह ने किया था। बैठक में विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई थी और कुछ मुद्दों पर सकारात्मक संकेत मिलने की बात सामने आई थी।

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