उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर : आकाशीय बिजली गिरने से दो की मौत, 84 सड़कें बंद; कई जिलों में रेड अलर्ट

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
On

हरिद्वार में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत, अगले चार दिन भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी; प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। हरिद्वार में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि भूस्खलन के चलते दो राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 84 सड़कें बंद हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच हरिद्वार जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, भूस्खलन के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 84 सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, शनिवार शाम हरिद्वार में आकाशीय बिजली गिरने से डालूवाला मजबता निवासी नवीन सिंह (33) और खालाटीरा निवासी रणधीर सिंह (45) की मौत हो गई।

कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने रविवार के लिए नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

20 जुलाई के लिए देहरादून, हरिद्वार और टिहरी में रेड अलर्ट, जबकि नैनीताल, उत्तरकाशी और पौड़ी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 21 और 22 जुलाई के लिए भी कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित करते हुए गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

भूस्खलन से 84 सड़कें बंद

एसईओसी के अनुसार, लगातार बारिश के चलते विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 84 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग गरबाधार के पास तथा उत्तरकाशी जिले में ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पालीगाड़, स्यानाचट्टी और ओजरी के निकट भूस्खलन के कारण बाधित है। सड़कों को खोलने का कार्य जारी है।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने, जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में मशीनरी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आम लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लें तथा भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

पिछले 24 घंटे में यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई। हल्द्वानी में 108 मिमी, थल में 103.5 मिमी, देहरादून (हाथीबड़कला) में 93 मिमी, धारचूला में 92.4 मिमी, काशीपुर में 73.5 मिमी और जौलजीबी में 65.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

संबंधित समाचार