राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद : धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे ने SIT को सौंपे 76 पेज के साक्ष्य, ट्रस्ट पर वित्तीय अनियमितताओं के लगाए आरोप
पत्थर और भूमि खरीद में कथित वित्तीय अनियमितताओं के दस्तावेज सौंपे, निष्पक्ष जांच, एफआईआर और ट्रस्ट के पुनर्गठन की उठाई मांग
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी को धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे ने 76 पृष्ठों के दस्तावेजी साक्ष्य सौंपे। उन्होंने पत्थर खरीद, भूमि खरीद और ट्रस्ट के धन के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच, एफआईआर दर्ज करने और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की।
अयोध्या, अमृत विचार। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को सोमवार को धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे ने 76 पृष्ठों का लिखित साक्ष्य सौंपा। इससे एक दिन पहले उन्होंने क्षेत्राधिकारी नगर कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना बयान दर्ज कराया था। बयान के दौरान एसआईटी ने उनसे उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था।
संतोष दुबे ने बताया कि उन्होंने जांच टीम को आठ प्रमुख बिंदुओं पर आधारित दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। साथ ही कई यूट्यूब चैनलों और मीडिया प्लेटफॉर्म पर संबंधित लोगों द्वारा दिए गए सार्वजनिक बयानों को भी जांच के दायरे में शामिल करने का अनुरोध किया है।
पत्थर खरीद में कमीशनखोरी का लगाया आरोप
धर्मसेना प्रमुख ने अपने लिखित साक्ष्यों में आरोप लगाया है कि राजस्थान के बंशी पहाड़पुर के खदान संचालक दिलीप सिंह राठौर मंदिर निर्माण के लिए बिना किसी शुल्क के पत्थर उपलब्ध कराने को तैयार थे, लेकिन कथित कमीशनखोरी के चलते उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर महंगे दामों पर पत्थर खरीदे गए। उन्होंने इस मामले की जांच कर अधिक भुगतान की गई धनराशि की वसूली की मांग की है।
भूमि खरीद में करोड़ों के नुकसान का आरोप
संतोष दुबे ने अयोध्या के ग्राम कोट रामचंद्र और शाह नवाजपुर में भूमि खरीद को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर जमीन खरीदकर ट्रस्ट के धन का दुरुपयोग किया गया, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने इन मामलों में एफआईआर दर्ज कर वित्तीय अनियमितताओं की विस्तृत जांच कराने की मांग की।
PMO को भी भेज चुके हैं शिकायत
उन्होंने बताया कि इन मामलों को लेकर 16 और 19 जून 2026 को संबंधित अधिकारियों तथा 21 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय को भी शिकायत भेजी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ट्रस्ट भंग करने और नए प्रतिनिधित्व की मांग
धर्मसेना प्रमुख ने कथित वित्तीय अनियमितताओं का हवाला देते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की। उनका कहना है कि इन आरोपों के बाद ट्रस्ट पर जनता का विश्वास प्रभावित हुआ है, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने सुझाव दिया कि नए ट्रस्ट में राम मंदिर आंदोलन के शहीद कारसेवकों के परिजनों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। साथ ही भगवान श्रीराम के सूर्यवंशी होने का उल्लेख करते हुए कम से कम एक सूर्यवंशी क्षत्रिय प्रतिनिधि को भी ट्रस्ट में शामिल करने की मांग की।
संतोष दुबे ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने स्वयं लाठियां और गोलियां झेली हैं, इसलिए मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले के आरोप उन्हें बेहद पीड़ादायक लगते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद व्यक्त की।
