Sultanpur News : फॉर्मर आईडी की तर्ज पर अब मिलेगी मत्स्य आईडी, NFDP से जुड़ेंगे मछुआरे और मत्स्य व्यवसायी
मछुआरों से लेकर मछली विक्रेताओं तक सभी करा सकेंगे पंजीकरण
सुलतानपुर में मत्स्य पालकों, मछुआरों और मछली विक्रेताओं के लिए नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) लागू किया गया है। अब विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य होगा।
सुलतानपुर, अमृत विचार। किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री की तर्ज पर अब मत्स्य पालन और मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) लागू कर दिया गया है। इसके तहत जिले के मत्स्य पालकों, मछुआरों और मछली व्यवसाय से जुड़े अन्य लोगों का ऑनलाइन पंजीकरण कर उन्हें डिजिटल पहचान (NFDP सर्टिफिकेट) जारी किया जा रहा है। विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
जिला मत्स्य अधिकारी रमाकांत पांडेय ने बताया कि अब केवल तालाब आवंटित मत्स्य पालक ही नहीं, बल्कि नदी या तालाब से मछली पकड़कर आजीविका चलाने वाले, सड़क किनारे मछली बेचने वाले और अन्य मत्स्य व्यवसायी भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि मछली विक्रेताओं को पहले फूड लाइसेंस बनवाना होगा। इसके बाद एनएफडीपी पर रजिस्ट्रेशन कराने पर वे विभागीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी सभी सरकारी सुविधाएं
जिला मत्स्य अधिकारी के अनुसार, एनएफडीपी का उद्देश्य मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र को डिजिटल रूप से संगठित करना, मत्स्य प्रबंधन को सुव्यवस्थित बनाना तथा सभी हितधारकों का कार्य-आधारित डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान समृद्धि सह योजना (PM-MKSSY) के तहत मिलने वाले अनुदान, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन, जलीय कृषि बीमा और अन्य सरकारी सुविधाओं की जानकारी एवं लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे।
मत्स्य व्यवसाय को मिलेगा बढ़ावा
मत्स्य विभाग ने जिले के सभी मत्स्य पालकों और व्यवसायियों से जल्द से जल्द एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील की है। विभाग का मानना है कि इस पहल से मत्स्य क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचेगा और जिले में मत्स्य व्यवसाय को नई मजबूती मिलेगी।
