FIFA World Cup Trophy: किसने बनाई दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी, क्यों कोई देश हमेशा के लिए नहीं रख सकता; जानिए क्या है नियम
इटली के मूर्तिकार सिल्वियो गज़ानिगा ने दिया था गोल्डन ट्रॉफी को अनोखा रूप, इससे जुड़ी कहानी भी है बेहद दिलचस्प
मिलान। जब भी फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का कप्तान सुनहरी ट्रॉफी को आसमान की ओर उठाता है, तो वह पल करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों के लिए इतिहास बन जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल ट्रॉफी का डिजाइन किसने बनाया और इसके पीछे क्या कहानी है?
इटली के कलाकार ने गढ़ी थी विश्व कप की पहचान
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फीफा विश्व कप ट्रॉफी का डिजाइन इटली के मशहूर मूर्तिकार सिल्वियो गज़ानिगा ने तैयार किया था। उन्होंने अपने मिलान स्थित स्टूडियो में इस ट्रॉफी को ऐसा स्वरूप दिया, जो आज फुटबॉल की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। ट्रॉफी में दो मानव आकृतियां पृथ्वी को ऊपर उठाए हुए दिखाई देती हैं। गज़ानिगा के अनुसार, इसमें खिलाड़ियों का संघर्ष, प्रशंसकों का उत्साह और जीत की खुशी तीनों भावनाओं को एक साथ दर्शाया गया है।
ब्राजील की है नई ट्रॉफी बनने की वजह
1930 से 1970 तक विजेता टीम को जूल्स रिमेट ट्रॉफी दी जाती थी। नियम था कि जो देश तीन बार विश्व कप जीतेगा, वह ट्रॉफी हमेशा के लिए अपने पास रख सकेगा। 1970 में ब्राजील ने तीसरी बार विश्व कप जीतकर इस ट्रॉफी पर स्थायी अधिकार हासिल कर लिया। इसके बाद फीफा ने नई ट्रॉफी के डिजाइन के लिए वैश्विक प्रतियोगिता आयोजित की, जिसमें सिल्वियो गज़ानिगा का डिजाइन चुना गया।
दो बार चोरी हुई थी पुरानी ट्रॉफी
जूल्स रिमेट ट्रॉफी का इतिहास भी कम रोमांचक नहीं है। 1966 में इंग्लैंड में आयोजित विश्व कप के दौरान यह ट्रॉफी चोरी हो गई थी, जिसे बाद में 'पिकल्स' नाम के एक कुत्ते ने झाड़ियों में खोज निकाला। 1983 में ब्राजील फुटबॉल महासंघ के मुख्यालय से यह ट्रॉफी दोबारा चोरी हो गई। आज तक उसका पता नहीं चल पाया और माना जाता है कि उसे पिघला दिया गया।
सिर्फ कुछ समय के लिए मिलती है असली ट्रॉफी
फीफा की मौजूदा ट्रॉफी 36 सेंटीमीटर ऊंची, 18 कैरेट सोने से बनी है और हरे रंग के दो छल्लों वाले आधार पर खड़ी है, जो फुटबॉल मैदान का प्रतीक माने जाते हैं। हालांकि, फाइनल जीतने वाली टीम असली ट्रॉफी को हमेशा अपने पास नहीं रख सकती। समारोह के बाद यह ट्रॉफी वापस फीफा के स्विट्जरलैंड स्थित मुख्यालय भेज दी जाती है। विजेता टीम को अपने देश ले जाने के लिए सोने की परत चढ़ी हुई प्रतिकृति दी जाती है।
अब नहीं मिलेगा स्थायी अधिकार
फीफा ने नियम बदल दिए हैं। अब कोई भी देश चाहे कितनी भी बार विश्व कप जीत ले, उसे असली ट्रॉफी स्थायी रूप से अपने पास रखने का अधिकार नहीं मिलेगा।
रविवार को फिर बनेगा नया इतिहास
अमेरिका में खेले जा रहे फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में रविवार को अर्जेंटीना और स्पेन में से कोई एक टीम इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने नाम करेगी। दुनिया की निगाहें एक बार फिर उसी सुनहरी ट्रॉफी पर टिकी हैं, जो सिर्फ जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि फुटबॉल के गौरवशाली इतिहास की सबसे बड़ी पहचान भी है।
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