अमेरिकी एयर स्ट्राइक से भड़का ईरान, जवाब में कई देशों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक

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Edited By Anjali Singh
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होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे जहाज पर भी अमेरिका की कार्रवाई, पश्चिम एशिया में बढ़ा युद्ध का खतरा

दुबई। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार तड़के अमेरिकी सेना ने उत्तरी ईरान के कई इलाकों पर हवाई हमले किए। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में कथित तौर पर नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक जहाज पर भी कार्रवाई की गई।

तेहरान और सेमनान बने निशाना

ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी हमलों में राजधानी तेहरान के आसपास के इलाकों और सेमनान प्रांत को निशाना बनाया गया। सेमनान ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र माना जाता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ग्रेटर तुंब द्वीप पर स्थित ईरानी रक्षा प्रतिष्ठानों और मिसाइल ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।

35 से अधिक मौतें, 300 से ज्यादा घायल

ईरानी अधिकारियों के अनुसार अमेरिकी हमलों में अब तक 35 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यह पहली बार है जब हालिया संघर्ष में तेहरान के आसपास के क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया।

ईरान का पलटवार, बहरीन-जॉर्डन-कुवैत पर हमला

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। इन देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इधर, इराक के उत्तरी शहर इरबिल पर भी ड्रोन हमला हुआ, जिसे सुरक्षा बलों ने रास्ते में ही मार गिराया।

नाकेबंदी तोड़ने वाले जहाज पर अमेरिका की कार्रवाई

अमेरिकी सेना ने दावा किया कि कुराकाओ के झंडे वाले तेल टैंकर 'बेल्मा' ने चेतावनी के बावजूद दिशा नहीं बदली और ईरान के खार्ग द्वीप की ओर बढ़ता रहा। इसके बाद अमेरिकी विमान ने जहाज की चिमनी पर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र

जब अमेरिका और इजराइल ने फरवरी में ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था, तब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही पर प्रभावी रोक लगा दी थी। इससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेज उछाल आया। अब अमेरिका ने एक बार फिर क्षेत्र में नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

ईरान की चेतावनी- तेल और गैस निर्यात रोक देंगे

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि यदि अमेरिका अंतरिम समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता है तो ईरान व्यापक सैन्य टकराव के लिए तैयार है। वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी कि यदि नाकेबंदी जारी रही तो पूरे पश्चिम एशिया से तेल और गैस का निर्यात प्रभावित किया जा सकता है।

ट्रंप बोले- ईरान समझौता चाहता है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान शांति समझौते का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि तेहरान ने सद्भावना के संकेत के रूप में एक अमेरिकी नागरिक को रिहा किया है, हालांकि इस संबंध में उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। बताया जा रहा है कि रिहा की गई महिला अमेरिकी-ईरानी नागरिक डेना करारी हैं, जिन्हें ईरान में जासूसी के आरोप में हिरासत में रखा गया था। हालांकि, ईरान ने उनकी रिहाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पूरे पश्चिम एशिया पर मंडरा रहा युद्ध का खतरा

लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण बना दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो क्षेत्र एक बड़े युद्ध की ओर बढ़ सकता है।

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