जापानी भी देखेंगे यूपी की सांस्कृतिक विरासत, अगस्त में यामानाशी प्रांत से आएंगे 200 अधिक से CEO
ताजमहल, काशी और सारनाथ का करेगा दौरा, उत्तर प्रदेश की संस्कृति और विरासत का जापान में होगा प्रचार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश और जापान के बीच पर्यटन, संस्कृति और निवेश सहयोग को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। इसी कड़ी में अगस्त महीने में 200 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा। यह दल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कर यहां की विरासत और संभावनाओं को करीब से देखेगा।
यामानाशी प्रांत के प्रतिनिधिमंडल से हुई बैठक
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को जापान के यामानाशी प्रांत के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। बैठक में अगस्त में प्रस्तावित जापानी दल के दौरे की तैयारियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। मंत्री ने बताया कि 20 से 23 अगस्त तक यामानाशी प्रांत का प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश में रहकर आगामी दौरे से जुड़ी व्यवस्थाओं और कार्यक्रमों को अंतिम रूप देगा।
आगरा, लखनऊ, वाराणसी और सारनाथ पहुंचेगा दल
अगस्त में आने वाला 200 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेगा। इसमें आगरा का ताजमहल, लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत, वाराणसी और सारनाथ जैसे महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं। इस दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, आध्यात्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विविधता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है।
जापान में दिखाई जाएगी यूपी की सांस्कृतिक झलक
बैठक के दौरान यामानाशी प्रांत सरकार के सलाहकार नीरेंद्र उपाध्याय ने उत्तर प्रदेश की पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत पर 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री बनाने का प्रस्ताव रखा। इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए जापान में उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों, बौद्ध सर्किट, पारंपरिक व्यंजनों और सांस्कृतिक धरोहरों का प्रचार किया जाएगा।
पर्यटन और निवेश सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार
माना जा रहा है कि जापानी प्रतिनिधिमंडल के दौरे से उत्तर प्रदेश और जापान के बीच पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान और निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश सरकार इस दौरे को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
