ऑडिट में खुली पोल : ब्लॉक ललौरीखेड़ा और बिलसंडा में वित्तीय गड़बड़ी पर डीएम का कड़ा एक्शन
11 ग्राम पंचायतों के प्रधान-सचिवों से होगी 83 लाख की वसूली
पीलीभीत, अमृत विचार। ग्राम पंचायतों के आडिट में मिली बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं मिली हैं। इस मामले में डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए 11 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिवों से 83 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं। इस कार्रवाई से तत्कालीन प्रधानों और सचिवों में हड़कंप मचा हुआ है।
वर्ष 2017-18 के ऑडिट लेखा परीक्षा के दौरान जिला लेखा परीक्षा अधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। पंचायती राज विभाग के मुताबिक जांच में कुल 21 प्रस्तरों पर तो संतोषजनक जवाब मिल गया, मगर 11 प्रस्तरों पर ग्राम पंचायतों के संबंधित प्रधानों व सचिवों द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण पूरी तरह असंतोषजनक पाया गया। जिस पर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित ग्राम पंचायतों के तत्कालीन ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिवों को संयुक्त रूप से दोषी मानते हुए वसूली के आदेश जारी कर दिए हैं। जिस 11 ग्राम पंचायतों से बसूली के आदेश किए गए हैं, उनमें सर्वाधिक अकेले 10 ग्राम पंचायतें बिलसंडा ब्लाक की हैं। जबकि एक ग्राम पंचायत ललौरीखेड़ा ब्लाक की है।
इन 11 ग्राम पंचायतों से होगी रिकवरी
ब्लाक ग्राम पंचायत बसूली जाने वाली धनराशि
ललौरीखेड़ा वारनवादा 14,70,680 रुपये
बिलसंडा ईटगांव 27,60,502 रुपये
बिलसंडा नगरिया तुलागिरि 7,01,010 रुपये
बिलसंडा टेहरी 6,52,000 रुपये
बिलंसडा अण्डाह 6,01,085 रुपये
बिलसंडा मरैना 5,18,038 रुपये
बिलसंडा इरादतपुर पगार 4,87,300 रुपये
बिलसंडा तिल्छी 4,71,888 रुपये
बिलसंडा बिहारीपुर हीरा 3,97,850 रुपये
बिलसंडा किशनपुर 1,83,000 रुपये
बिलसंडा ओडाझार 29,500 रुपये
वर्ष 2017-18 के ऑडिट के दौरान 11 प्रस्तरों पर जवाब असंतोषजनक पाया गया। इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों के तत्कालीन ग्राम प्रधानों और सचिवों की जिम्मेदारी तय करते हुए वसूली के आदेश पारित किए गए हैं। यदि तय समय सीमा के भीतर धनराशि जमा नहीं की गई, तो अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - रोहित भारती, जिला पंचायत राज अधिकारी।
