Monsoon Session : सोनिया गांधी के आवास पर रणनीतिक बैठक, राम मंदिर चढ़ावा, पेपर लीक और एथनॉल के मुद्दें पर सरकार को घरेने की तैयारी
संसदीय रणनीति को लेकर सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक, विपक्षी दलों के साथ तालमेल पर भी चर्चा
दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र में कांग्रेस केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी ने तय किया है कि शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावे की कथित चोरी, एथनॉल ब्लेंडिंग समेत कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
सोनिया गांधी के आवास पर हुई रणनीतिक बैठक
कांग्रेस की संसदीय रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास '10 जनपथ' पर बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक जयराम रमेश समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में संसद के अंदर विपक्षी दलों के साथ समन्वय, सरकार को घेरने की रणनीति और सदन में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई।
कांग्रेस ने गिनाए कई बड़े मुद्दे
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि पार्टी मानसून सत्र में किन मुद्दों को उठाएगी। उन्होंने कहा कि चंदा चोरी, आस्था से जुड़े सवाल, प्रश्नपत्र लीक, शिक्षा व्यवस्था की स्थिति, संस्थानों की स्वायत्तता, भ्रष्टाचार के आरोप, महंगाई और विदेश नीति जैसे विषयों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इसके अलावा कांग्रेस एथनॉल मिश्रण नीति, वन कटाई और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) तथा अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी संसद में उठाएगी।
राम मंदिर चढ़ावे के मामले पर भी होगा हमला
कांग्रेस ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को भी अपने एजेंडे में शामिल किया है। पार्टी इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है।
20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। सत्र से पहले विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें सरकार के खिलाफ संयुक्त रणनीति पर चर्चा हो सकती है। वहीं, सरकार ने संसद सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
